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Jhajjar-Bahadurgarh News: किसानों के आगमन को देख टीकरी बॉर्डर पर मुस्तैद रहे सुरक्षा बल

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-फोटो 8 : किसानों के आगमन को देखते हुए टीकरी बॉर्डर पर तैनात आरपीएफ के जवान व पुलिसकर्मी।
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बहादुरगढ़। दिल्ली के रामलीला मैदान में किसान महापंचायत को लेकर सोमवार की सुबह पंजाब, राजस्थान और हरियाणा के बड़ी संख्या में किसानों ने बहादुरगढ़ के रास्ते राजधानी दिल्ली की तरफ कूच किया। किसान अपनी निजी गाड़ियों और बसों में सवार होकर राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान की तरफ रवाना हुए।
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राजधानी दिल्ली के टीकरी बॉर्डर पर पुलिस बल तैनात रहे, बैरिकेडिंग भी की गई। यहां किसानों को रोककर उनकी गाडिय़ों के नंबर पुलिस कर्मचारियों ने नोट करने के साथ वाहन में कितने किसान सवार हैं यह संख्या भी रजिस्टर में दर्ज की गई। पूछताछ के बाद किसानों को राजधानी दिल्ली में प्रवेश दिया गया।
बता दें कि टीकरी बॉर्डर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का वही बॉर्डर है, जहां किसान आंदोलन के दौरान किसानों ने 13 महीने तक पक्का मोर्चा लगाया लिया था। जब दिल्ली पुलिस ने किसानों को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी। तो ट्रैक्टर ट्रालियों में ही किसानों ने अपने बसेरे बना लिए थे। लेकिन एक बार फिर सोमवार को किसानों अब राजधानी दिल्ली की तरफ रुख किया। किसानों का कहना है कि उन्होंने बहुत इंतजार किया, मगर सरकार ने उनकी मांगों की तरफ अब तक ध्यान नहीं दिया। इसलिए दिल्ली के रामलीला मैदान में किसान महापंचायत का आयोजन किया गया है। तमाम किसान संगठनों से जुड़े किसानों ने राजधानी दिल्ली की तरफ कूच किया।
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भारतीय किसान यूनियन आजाद के प्रधान सरदार जसविंदर सिंह ने यहां कहा कि सरकार ने उन्हें आश्वासन दिया था कि एमएसपी को लागू किया जाएगा और उनकी अन्य मांगों पर भी सरकार जरूर ध्यान देगी। इसी आश्वासन के बाद किसान दिल्ली के मोर्चे छोड़ कर अपने घरों की ओर वापस चले गए थे, मगर काफी समय बीत जाने के बावजूद सरकार ने किसानों की मांगों की तरफ अब तक ध्यान नहीं दिया है।
किसानों रणदीप व अमित ने कहा कि यह महापंचायत सिर्फ सरकार की आंखें खोलने के लिए है और सरकार को चेतावनी दी जा रही है कि अगर जल्द ही किसानों की मांगों की तरफ ध्यान नहीं दिया गया तो यह आंदोलन और बड़ा हो सकता है।
जसविंदर ने कहा कि आगे आने वाले समय में किसान संगठन मिलकर आंदोलन को बड़ा करने के लिए कोई फैसला ले सकते हैं और सभी संगठन उस फैसले का पालन करेंगे। उन्होंने सरकार से जल्द से जल्द किसानों की सभी मांगें पूरी करने की मांग की।
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