अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। चरखी दादरी और बाढड़ा की अनाज मंडी में पहले दिन सरसों की सरकारी खरीद नहीं हो पाई। किसान सुबह से ही मंडी पहुंचना शुरू हो गए थे लेकिन उनको न तो खरीद अधिकारी मिला न ही कोई खरीद प्रक्रिया की जानकारी देने वाला। दोपहर बाद मायूस किसानों को लौटना पड़ा। किसानों का आरोप है कि लंबी दूरी तय कर और किराए का ट्रैक्टर लेकर सुबह ही मंडी पहुंचे लेकिन अधिकारी और कर्मचारी नहीं मिला। दूसरी तरफ मामले में मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि कुछ कमियों और हैंडलिंग एजेंटों की नियुक्ति नहीं होने से पहले दिन सरकारी खरीद नहीं हो पाई। इसी कारण हैफेड मैनेजर समेत अन्य स्टाफ मंडी में नहीं पहुंचा। इस कारण शेड्यूल तैयार नहीं हो पाया है। एक-दो दिन में शेड्यूल तैयार कर सरसों की सरकारी खरीद शुरू करवा दी जाएगी।
सरकार ने प्रदेश की मंडियों में वीरवार से सरसों की खरीद और एक अप्रैल से गेहूं खरीद करने के निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के मुताबिक वीरवार को चरखी दादरी अनाज मंडी में किसी भी किसान से सरसों की खरीदी नहीं की जा सकी। आढ़तियों की मानें तो पहले दिन करीब 35 से 30 किसान मंडी में सरसों बेचने पहुंचे थे जोकि खरीद अधिकारी न मिलने पर लौट गए। वहीं, हैफेड डीएम का कहना है कि कुछ कमियों के चलते वीरवार से सरसों की खरीद शुरू नहीं हो पाई है। वीरवार शाम तक सरसों खरीद का शेड्यूल तैयार कर लिया जाएगा और शुक्रवार से दादरी और बाढड़ा अनाज मंडी में सरसों की खरीद शुरू कर दी जाएगी।
मार्केटिंग बोर्ड के सूत्रों की मानें तो हैफेड स्टाफ के नहीं पहुंचने से शेड्यूल तैयार नहीं हो पाया था। इस कारण दादरी और बाढड़ा अनाज मंडी में सरसों की खरीद शुरू नहीं हो पाई। इसके अलावा हैफेड अधिकारी अब तक हैंडलिंग एजेंट नहीं बना पाए हैं। यह भी खरीद शुरू न होने का प्रमुख कारण है। मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों ने तीन दिन पहले ही सरसों खरीद की तैयारियां पूरी होने का दावा किया था जोकि धरातल पर नजर नहीं आया। वहीं, बिना सरसों बेचे मंडी से जाने वाले किसानों ने भी अनाज मंडी के प्रबंधों पर नाराजगी जाहिर की है। किसानों का कहना है कि विभागीय अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है।
किसान बोले : अधिकारियों की मनमानी और लापरवाही भुगत रहे हम
- मैं सुबह नौ बजे मौड़ी गांव से नई अनाज मंडी में अपनी 25 क्विंटल सरसों बेचने पहुंच गया था। एक बजे तक कोई यह बताने वाला नहीं है कि सरसों खरीद होगी भी या नहीं। दूर-दराज गांवों से आए किसानों को बेवजह परेशान किया जा रहा है। - नरेश, मौड़ी निवासी
- सरसों खरीदने का शेड्यूल तक नहीं बना है। किसानों से अधिकारी अड़ियल रवैये में बात कर रहे हैं। मैं 25 किमी दूर से सुबह साढ़े नौ बजे मंडी पहुंचा था लेकिन दोपहर दो बजे तक खरीद की कोई तैयारियां नजर ही नहीं आ रही हैं। - राजकुमार, बिगोवा निवासी
- दादरी नई अनाज मंडी में सरसों खरीद के कोई प्रबंध नहीं है। किसान मंडी में पहुंच रहे हैं लेकिन सरसों खरीद करने वाली न तो एजेंसी है और न अधिकारी। चार घंटों से मंडी में इधर-उधर भटक रहे हैं लेकिन कोई जवाब ही नहीं दे रहा। - राजमल, रामलवास निवासी
- किराये पर ट्रैक्टर करके मैं सुबह दस बजे नई अनाज मंडी में सरसों बेचने आया था। यहां आकर पता चला कि सरसों खरीद आज होगी ही नहीं। अधिकारियों की मनमानी से किसानों पर आर्थिक मार पड़ रही है और अब लौटना पड़ेगा। - प्रीतम, जयश्री निवासी
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हैफेड कर्मचारी और हैंडलिंग एजेंट न बनाए जाने के कारण सरसों खरीद नहीं हो पाई है। मार्केटिंग बोर्ड ने मंडी में सफाई, बिजली और पानी का प्रबंध करवा रखा है। खरीद कार्य हैफेड को करना है। एक-दो दिन में ही खरीद शुरू होने की उम्मीद है। - रामकिशन, मंडी सुपरवाइजर
सरसों खरीद की प्लानिंग में कुछ कमियां हमसे रह गई थीं जिन्हें दूर कराने के निर्देश दिए हैं। वीरवार शाम तक शेड्यूल तैयार कर शुक्रवार से सरसों खरीद शुरू कर देंगे। - कृष्ण नरवाल, डीएम, हैफेड