जिझज्जर। कृषि कानूनों को वापस करवाने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा के भारत बंद के आह्वान पर किसानों ने जिले में तीन घंटे 12 से तीन बजे तक चक्का जाम किया। जिले में 17 स्थानों पर शांतिपूर्वक सड़कों पर जाम लगाया गया। हालांकि जाम के दौरान हर स्थान पर एंबुलेंस व बीमार लोगों को लेकर आने वाली सभी गाड़ियों को तुरंत प्रभाव से निकाली गई। वहीं डीघल टोल पर रहे आंदोलनरत किसानों ने रागिनियों का भी आनंद लिया। जाम लगा रहे किसानों ने कहा कि वे शांतिपूर्ण धरना दे रहे हैं। भारत बंद के दौरान तीन घंटे तक जाम लगाया जा रहा है, ताकि सरकार को बताया जा सके कि किसान पूरी तरह से एक है। आंदोलन पहले से कहीं अधिक मजबूती से चल रहा है। जिले में किसी भी प्रकार से जाम के दौरान शांति भंग नहीं हुई है। 26 जनवरी की दिल्ली की घटना भी सरकार की सोची समझी चाल थी।
यहां लगाया जाम
जिले में किसानों ने जाम लगाए जाने की तैयारी पहले ही कर ली थी। भारत बंद के दौरान जिले में 17 स्थानों पर जाम लगाया गया। जिनमें कोसली रोड पर सुबाना, सुरहेती, डावला, नेशनल हाइवे 71 पर डीघल टोल प्लाजा, सिलाना बस बस अड्डा, खुडन बस अड्डा, माछरौली, नेशनल हाइवे 334 बी छारा टोल प्लाजा, बहादुरगढ़ के पास बालौर, रोहद टोल प्लाजा, जाखौदा, बहादुरगढ़ रोड पर दुल्हेड़ा, गुरूग्राम रोड पर याकुबपुर, बहु झोलरी मार्ग पर मातनहेल, ग्वालीशन गांव, बेरी के भागलपुरी चौक, बादली में किसानों ने जाम लगाया हुआ था।
- भटकते रही कार व दुपहियां चालक
जाम के दौरान कार व दुपहिया वाहन चालक गंतव्यों तक पहुंचने के लिए रास्ता तलाशते रहे। वे जहां भी जा रहे थे वहीं जाम मिल रहा था। वाहन चालकों ने गांवों गलियों से लेकर खेतों के रास्तों को भी अपना लेकिन मुख्य मार्गों को जाने वाली गांवों की गलियों को भी ट्रैक्टर अड़ा कर रास्ते बंद किए गए थे। जबकि कुछ स्थानों पर पुलिस कर्मचारियों ने भी कच्चे रास्तों से वाहनों को निकाला।
वाहनों की लगी रही लंबी लाइनें
जिन स्थानों पर किसानों ने जाम लगाया हुआ था। उन स्थानों पर वाहनों की लंबी लाइने लगी हुई थी। इसके कारण वाहन चालकों को तीन घंटे तक जाम में फंसे रहने पर मजबूर होना पड़ा। तीन बजे जब किसानों ने जाम खोले तो उसके बाद ही जिलेभर में यातायात व्यवस्था सुचारु हो पाई।
डीघल टोल पर जाम लगाकर बैठे किसान। संवाद- फोटो : Jhjhar