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शुद्ध मिठाई की गारंटी नहीं, सामान के साथ तोला जा रहा डिब्बा

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अमर उजाला ब्यूरो
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बहादुरगढ़।
एक तो मिठाई की शुद्धता की गारंटी नहीं, ऊपर से तोल के नाम पर भी ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी हो रही है। दुकानदार मिठाई के साथ कागज का डिब्बा तोल रहे हैं, जोकि ग्राहक के साथ सीधे तौर पर धोखाधड़ी है। इस धोखाधड़ी को रोकने में जिम्मेदार विभाग के अधिकारी भी कारगर कदम नहीं उठा रहे। ग्राहक के साथ हो रही ठगी के बारे में प्रशासनिक अधिकारी केवल यह कहकर अपना पल्ला झाड़ते नजर आते हैं कि उनके पास अभी तक कोई लिखित शिकायत नहीं आई।
शहर में दुकानदार मिठाई के साथ डिब्बा तोलकर ग्राहक से ही डिब्बे का मूल्य वसूल रहे हैं। जबकि नियम यह है कि दुकानदार ग्राहक से केवल मिठाई का ही मूल्य लेगा। जबकि डिब्बा उसे मिठाई के साथ नि:शुल्क देना होगा। दुकानदार ग्राहकों से मिठाई के डिब्बे के रुपये मिठाई के भाव से काट रहे हैं। यह स्थिति छोटी दुकान से बड़ी की दुकानों पर बनी हुई है।
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शहरवासियों ने की शिकायत
शहर की अग्रवाल कॉलोनी और अनाज मंडी निवासी सुखबीर सिंह व अनुज अग्रवाल ने बताया कि सामान के साथ डिब्बा तोलने की शिकायत न केवल त्योहारों पर रहती है। बल्कि यह परेशानी हर समय होती है। यदि दुकानदार से डिब्बा न तोलने की अपील की जाती है तो दुकानदार उल्टा सीधा बोलने लगते हैं या फिर कहते हैं कि कहीं और से सामान ले ले। इस संबंध में संबंधित विभाग भी किसी तरह की कार्रवाई नहीं करता। इससे ग्राहक को न केवल आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि परेशानी भी होती है।

ऐसे समझे डिब्बे का गणित
कागज के डिब्बे का वजन करीब 100 ग्राम से 150 ग्राम के बीच में रहता है। यदि मिठाई का मूल्य 250 रुपये प्रति किलो मानें तो एक किलो में 100 ग्राम वजन डिब्बे का हो जाता है। जिस कारण करीब 25 रुपये प्रति किलो मिठाई लेने में ग्राहक को नुकसान हो रहा है।
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वर्जन
जिला खाद्य आपूर्ति निरीक्षक अशोक कुमार का कहना है कि अभी तक उनके पास इस संबंध में किसी तरह की कोई शिकायत नहीं पहुंची है। यदि कोई दुकानदार मिठाई के साथ डिब्बा तौलता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। दुकानदार के खिलाफ पांच हजार से अधिक का जुर्माना भी किया जा सकता है।
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