अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़। टोल टैक्स बचाने के लिए शातिर अब पुलिस अधिकारियों के फर्जी पहचान पत्रों का सहारा ले रहे हैं। शुक्रवार की सुबह भी रोहद टोल पर शुल्क बचाने के लिए एक शातिर ने डीएसपी का फर्जी पहचान पत्र दिखाया। कार्ड में डीएसपी तो लिखा था लेकिन फोटो पर वर्दी नहीं थी। टोल अधिकारियों ने यह चालाकी पकड़ी तो वह गाड़ी मोड़कर भाग गया। टोल मैनेजर ने आसौदा थाने में उक्त शातिर के खिलाफ शिकायत दे दी है। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे रोहद टोल की लाइन नंबर-10 पर एक क्रेटा कार आई। टोल बूथ पर जब कर्मचारी ने पर्ची कटाने को कहा तो चालक ने हरियाणा पुलिस का एक कार्ड दिखाया। कार्ड पर नाम राजेंद्र सिंह था और रैंक डिप्टी सुपरीटेंडेंट ऑफ पुलिस था। लेकिन फोटो में वर्दी नहीं दिखाई दी। इसी दौरान टोल के असिस्टेंट मैनेजर नागेंद्र सक्सेना और सीआरओ इंग्लेश शर्मा वहीं मौजूद थे। कर्मचारी ने यह कार्ड दोनों अधिकारियों को दिखाया। तभी युवक गाड़ी से बाहर निकला और इनसे कार्ड लेने लगा। इन अधिकारियों ने उससे कहा कि कार्ड किसका है तो वह बोला मेरे भाई का है। इस पर अधिकारियों ने उसे अपने भाई को बुलाने को कहा, फिर वह छीना झपटी करने लगा। इसी दौरान अधिकारियों ने टोल पर मौजूद पुलिस कर्मियों को सूचना देनी चाही तो शातिर युवक गाड़ी मोड़कर बहादुरगढ़ की तरफ भाग गया। इसके बाद टोल अधिकारियों ने आसौदा थाने में सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और तफ्तीश शुरू की। सीसीटीवी की फुटेज चेक की। उक्त सफेद रंग की क्रेटा कार का नंबर पुलिस को मिल गया है। फर्जी कार्ड और गाड़ी के नंबर के आधार पर पुलिस शातिर तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
...जब शातिर ने दिखाया था आईजी का कार्ड
टोल टैक्स बचाने के लिए फर्जी पहचान पत्र दिखाने की घटना कोई नई बात नहीं है। रोहद टोल पर इस तरह के मामले होते रहते हैं। गत पांच दिसंबर को तो एक शातिर ने फर्जी पहचान पत्र पर आईजी संदीप खिरवार की फोटो लगाकर बिना शुल्क दिए टोल पार करने का प्रयास किया था लेकिन टोल कर्मी की सूझबूझ के आगे उसकी एक भी नहीं चली और भाग गया। उक्त कार्ड इंस्पेक्टर रैंक का था लेकिन फोटो आईजी का था। वर्दी पर लगे बैज के आधार पर सुरक्षा अधिकारी ने कार्ड को पहचाना था।
दोनों मामलों में सफेद क्रेटा
58 दिनों में हुए इन दोनों ही मामलों में शातिर सफेद रंग की क्रेटा कार में सवार होकर आए। पहले वाली गाड़ी दिल्ली नंबर की थी तो इस बार गाड़ी हरियाणा नंबर की थी। पहली वाली घटना भी अभी तक पुलिस सुलझा नहीं पाई है।
शातिर युवक से कार्ड बरामद कर लिया था। गाड़ी का नंबर और फुटेज पुलिस को उपलब्ध करा दिया गया है। लिखित में शिकायत भी दे दी गई है। अब आगे की कार्रवाई पुलिस को करनी है।
-बिजेंद्र तिवारी, मैनेजर, रोहद टोल प्लाजा।
शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। फर्जी कार्ड, गाड़ी के नंबर और फुटेज के आधार पर आरोपी तक पहुंचने का प्रयास है, जल्द ही इस मामले को सुलझाएंगे।
-सुखबीर सिंह, एसएचओ, आसौदा थाना, बहादुरगढ़।