बहादुरगढ़। शहर और खासतौर पर यहां की कॉलोनी धर्मपुरा और जटवाड़ा मोहल्ला के लोगों के लिए राहत की खबर है। बुधवार 8 अप्रैल को धर्मपुरा निवासी नर्स के कोरोना पॉजिटिव घोषित होने के बाद लिए गए उनके छह परिजनों और छह अन्य लोगों को मिलाकर सभी 12 लोगों के सैंपल जांच में निगेटिव निकले हैं।
एंबुलेंस से एक साथ जाती थी तीन नर्स
धर्मपुरा में रह रही दिल्ली के महाराजा अग्रसेन हॉस्पिटल की नर्स के पॉजिटिव होने के बाद बृहस्पतिवार को उनके छह परिजनों और नर्स के साथ हर रोज ड्यूटी के लिए एक ही एंबुलेंस से अस्पताल जाने वाली दूसरी नर्स के परिजनों समेत 12 लोगों की जांच की गई।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रणदीप पूनिया ने बताया कि सभी सैंपल जांच के लिए पीजीआई रोहतक भेजे गए। सौभाग्य से सभी सैंपल निगेटिव पाए गए हैं। स्वस्थ पाए गए इन 12 लोगों में संक्रमित नर्स के माता-पिता, भाई, बहन, भांजी और नर्स की बेटी भी शामिल हैं। धर्मपुरा निवासी नर्स के साथ रोज अस्पताल जाने वाली दूसरी नर्स और उनका परिवार शहर के पटेलनगर में रहता है। बहादुरगढ़ की रहने वाली एक अन्य नर्स भी इन दोनों नर्सों के साथ अग्रसेन अस्पताल में ड्यूटी के लिए जाती थी। लेकिन तीसरी नर्स कई दिन से हॉस्पिटल में ही रहकर ड्यूटी कर रही है।
सभी कर रहे बहादुर नर्स की सराहना
धर्मपुरा निवासी नर्स के संक्रमित होने के बाद लिए गए सभी 12 संबंधित लोगों के सैंपल निगेटिव आने पर शहर के लोगों के लोगों ने राहत की सांस ली है। शहर के तमाम लोग जटवाड़ा मोहल्ला की इस बेटी की सराहना कर रहे हैं। नगर पार्षद गुरदेव राठी ने कहा कि उनके मोहल्ले की इस बेटी ने बेहद समझदारी से काम लिया। चूंकि वह महाराजा अग्रसेन हॉस्पिटल में कार्यरत थी, इसलिए जब उन्हें खुद के संक्रमित होने का शक हुआ तो 30 मार्च से ही किसी भी व्यक्ति से मिलना बंद कर दिया। यहां तक कि वह अपने घर से चंद कदम की दूरी पर अपने नाना-नानी के घर रह रही अपनी 10 वर्षीय इकलौती बेटी से भी नहीं मिली। गुरदेव ने कहा कि उसकी इस परिपक्वता ने सभी लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा की।