केंद्रीय सेवाओं में जाटों को आरक्षण दिए जाने की मांग को लेकर शुक्रवार दिनभर जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन के बाद रात के समय जाटों ने दिल्ली सीमा पर बहादुरगढ़ के पास टिकरी बार्डर पर जाम लगा दिया।
लगभग 45 मिनट तक जाम के बाद जाटों ने सरकार को दो अक्तूबर तक का अल्टीमेटम दिया है। सर्वजाट सर्वखाप आरक्षण समिति के अध्यक्ष नफे सिंह नैन ने कहा कि दो अक्तूबर को जींद में खापों के साथ बैठक करके आगामी रणनीति बनाई जाएगी।
इस दौरान जाम खुलवाने के लिए मौके पर झज्जर के एसपी विकास धनखड़ समेत कई अधिकारी पुलिस बल के साथ पहुंचे। जाट नेताओं ने विचार-विमर्श के बाद दो अक्तूबर का अल्टीमेटम देते हुए जाम खोल दिया।
आरक्षण की मांग कर रहे जाट चार दिन से जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे थे। इस दौरान जाटों ने 13 सितंबर को देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी थी। जाटों की चेतावनी और उनके भारी संख्या में यहां पहुंचने के मद्देनजर पुलिस ने भी व्यवस्था चाक-चौबंद कर रखी थी। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति और खाप पंचायतों के बैनर तले शुक्रवार को सैकड़ों की संख्या में जाट जंतर-मंतर पहुंचे।
जाटों ने शाम चार बजे केंद्र सरकार से दो घंटे के अंदर बातचीत करने के लिए प्रतिनिधि भेजने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि बातचीत के लिए पहल न करने पर दिल्ली को जाम किया जाएगा। लेकिन केंद्र सरकार ने जाटों की मांग और चेतावनी पर कोई तवज्जो नहीं दी। उनसे बातचीत के लिए न तो कोई प्रतिनिधि आया और न हीं उन्हें बातचीत के लिए बुलाया गया।
इस दौरान भारी मात्रा में पुलिस बल जंतर-मंतर पर पहुंच गया लेकिन जाट हरियाणा-दिल्ली बॉर्डर को सील करने का ऐलान करके बहादुरगढ़ कूच कर गए।