हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने राज्य में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई हिंसा, लूटपाट, आगजनी की घटनाओं के बारे में स्वत: संज्ञान लेने के बाद रविवार को लोगों की सुविधा के लिए एक टोल फ्री नंबर1800-180-2064 जारी किया। इस नंबर पर आंदोलन से प्रभावित लोग अथवा उपद्रव से जुड़े सबूत आदि आयोग को उपलब्ध कराने के लिए लोग सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक संपर्क कर सकते हैं।
इसके साथ ही आयोग ने हरियाणा के मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव, मुख्य सचिव, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव और राज्य के पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी कर प्रदेश में आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई तबाही और बिगड़ी कानून व्यवस्था के संबंध में 18 अप्रैल तक जवाब दाखिल करने को कहा है।
आयोग की ओर से जारी प्रेस बयान के अनुसार, आयोग इस पूरे मामले में प्राप्त हो रही शिकायतों के आधार पर जांच कर रहा है। आयोग ने पीड़ित लोगों से कहा है कि वे अपनी शिकायतें व अन्य जानकारी सीधे आयोग के रजिस्ट्रार (लॉ एंड लीगल) और संयुक्त सचिव के टेलिफोन नंबर 0172-2600564 पर संपर्क करके या डाक व ई-मेल के जरिए भेज सकते हैं। इसमें शिकायतकर्ता का पूरा विवरण नाम, पता, घटनास्थल का समय व स्थान, नुकसान की अनुमानित लागत सहित फोटो, विडियो रिकार्डिंग या कोई भी अन्य सबूत जो शिकायतकर्ता के पास है, भेजे जा सकते हैं।
ड्यूटी में कोताही बरतने वालों को नाम भी मांगे
आयोग ने यह भी कहा है कि सभी पीड़ित शिकायतकर्ता ऐसे पुलिस व सिविल अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों के बारे में भी आयोग को जानकारी दें, जिन्होंने आंदोलन के दौरान उनकी संपत्ति की रक्षा करने में विधिस मत कार्रवाई नहीं की और लापरवाही बरती और मौके से भाग गए।