कैथ्ाल के कलायत में खेतों में बिजली किल्लत से परेशान गांव शिमला के किसानों ने बुधवार को एक घंटा हिसार-चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया।
ट्रैक्टर-ट्रालियों से लोगों ने सड़क को पूरी तरह ठप कर दिया।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि निगम की ओर से समय पर बिजली आपूर्ति नहीं दी जा रही। किसान पहले से ऋण के बोझ तले दबा है।
इस समय फसल पकने के निकट है, लेकिन बिजली आपूर्ति न मिलने से फसल में सिंचाई नहीं हो पा रही हे। यदि फसल को इन परिस्थितियों में नुकसान होता है तो विकल्प शेष नहीं रहेगा।
बिजली आपूर्ति के हालात इस कदर खराब हैं कि उन्हें 20 मिनट भी निर्बाध रूप से बिजली नहीं मिल पा रही है।
किसानों ने बताया कि निगम की ओर से गांव के कृषि क्षेत्र को बिजली आपूर्ति में दो भागों में विभाजित कर रखा है।
उनकी मांग थी कि बिजली आपूर्ति को दुरुस्त करने के लिए ठोस कार्य नीति बनाई जाए, जिसमें समय निर्धारण की पालना ठीक से हो। यदि व्यवस्था में इसी प्रकार झोल बना रहता है तो खेतों में बिजली आपूर्ति नहीं हो सकती।
किसानों ने कहा कि जब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हो जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
बिजली कार्यालय पहुंचा शिष्टमंडल
सूचना मिलते ही कलायत थाना से पुलिस अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौका स्थल पर पहुंचे।
उन्होंने ग्रामीणों से बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया। किसानों का शिष्टमंडल पुलिस के साथ बिजली उप मंडल कार्यालय पहुंचा।
इसके बाद किसानों सीए इंद्रराज से गांव की बिजली आपूर्ति का पूरा ब्योरा मांगा।
उन्होंने पुलिस व ग्रामीणों के समक्ष निगम की सारणी का खुलासा किया और भरोसा दिलाया कि उन्हें नियमित रूप से बिजली मिलेगी। इसके बाद किसानों ने अपना रोष प्रदर्शन समाप्त किया।
लोगों को हुई परेशानी
उधर राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 65 पर लगे जाम से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
राष्ट्रीय राजमार्ग होने के चलते सैकड़ों की संख्या में वाहन इस जाम में फंसे रहे। जाम खुलने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।