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आया था सब इंस्पेक्टर गवाही देने, फंस गया इस झमेले में

Wed, 04 Sep 2013 01:00 AM IST
कैथल/अमर उजाला ब्यूरो
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हरियाणा के कैथल न्यायालय में मंगलवार को गवाही देने के लिए आए सब इंस्पेक्टर को उस समय विचित्र स्थिति का सामना करना पड़ा, जब कोर्ट में न्यायाधीश ने उसे हिरासत में लेने के निर्देश जारी कर दिए।
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इसके बाद न्यायालय में कार्यरत पुलिस कर्मचारी ने न्यायिक परिसर में बने बख्शीखाना में उनकी बेल्ट उतरवाकर बंद कर दिया। साढ़े छह घंटे की हिरासत के बाद बलवान सिंह को सत्र न्यायाधीश के आदेशों के बाद रिहा कर दिया गया। रिहा होते ही बलवान सिंह न्यायिक परिसर में ही बेहोश हो गए।

उन्हें आनन-फानन में इंदिरा गांधी मल्टीस्पेशिएलिटी अस्पताल(आईजीएमएसएच) में भर्ती करवाया गया। जहां उनका इलाज चल रहा है। यह मामला दिन में पूरे न्यायिक परिसर में चर्चा का विषय बना रहा।   
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आईआरबी भौंडसी(गुड़गांव) में तैनात सब इंस्पेक्टर बलवान सिंह मंगलवार को किसी मुकदमे में गवाही देने के लिए कैथल न्यायालय में गवाही देने के लिए पहुंचे थे।

 लेकिन न्यायालय की ओर से सुबह करीब 11 बजे हिरासत में लेने के मौखिक आदेश जारी किए गए। आदेश के बाद न्यायालय में तैनात पुलिस कर्मचारी सतीश कुमार उसे लेकर बख्शीखाना पहुंचे।

बख्शीखाना इंचार्ज उदयवीर सिंह को मौखिक आदेश बताते हुए बलवान सिंह को बख्शीखाना में बंद करवा दिया। बख्शीखाना इंचार्ज ने जब आदेश की प्रति की मांग की तो सतीश कुमार ने बताया गया कि उन्हें मौखिक आदेश जारी हुए हैं।

 इसके  बाद संबधित न्यायाधीश आधे दिन की छुट्टी पर चले गए। इसकी वजह से उदयवीर सिंह को बलवान सिंह को हिरासत में लेने बारे कोई लिखित आदेश नहीं मिले।

इसके बाद उन्होंने मामले की लिखित जानकारी सत्र न्यायाधीश कैथल रितू टैगोर को दी।

मामले की जानकारी मिलने पर सत्र न्यायाधीश ने करीब साढ़े चार बजे बलवान सिंह को रिहा करने के आदेश जारी किए। करीब एक घंटे की कागजी कार्रवाई के बाद साढ़े पांच बजे बलवान सिंह को रिहा किया जा सका।

मामले की जानकारी मिलने पर न्यायिक परिसर में भारी संख्या में पुलिस कर्मचारियों का जमावड़ा लग चुका था।

कोर्ट परिसर में चर्चा के अनुसार सब इंस्पेक्टर अपनी पूरी वर्दी में नही थे। इसलिए उन्हें न्यायाधीश ने बख्शीखाने में बंद करने के आदेश दिए।

बाहर निकलते ही बलवान सिंह साथी कर्मचारियों से बातचीत करते हुए बेहोश होकर गिर पड़े। बाद में उन्हें सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया गया।

 बलवान सिंह ने कहा कि उन्हें अब तक समझ में नहीं आया कि उन्हें हिरासत में क्यों लिया गया। वे इस मामले में उच्चाधिकारियों सहित हाईकोर्ट में शिकायत करेंगे।

उनके बेटे ने इस मामले में सत्र न्यायाधीश को शिकायत देते हुए उसके पिता को अवैध हिरासत में रखने के मामले में संबंधित न्यायाधीश के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

इस संबंध में पुलिस एसोसिएशन संघ के जिला अध्यक्ष महीपाल सिंह ने कहा कि इस मामले में पुलिस कर्मचारी बलवान सिंह के साथ हैं। मामले की हाईकोर्ट तक शिकायत की जाएगी।

‘मुझे बख्शीखाना इंचार्ज से पता चला है कि उन्होंने न्यायालय के केवल मौखिक आदेशों की पालना में ही बलवान सिंह को हिरासत में लिया है। जबकि लिखित आदेशों के बिना ऐसा नहीं करना चाहिए था। इसीलिए बलवान सिंह को रिहा करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
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- रितू टैगोर, सत्र न्यायाधीश
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