आपातकाल, खास तौर पर हमले या आपदा के दौरान जान- माल की सुरक्षा और आवश्यक सेवाओं के लिए नागरिक सुरक्षा तंत्र को मजबूत और समन्वय बनाने के उद्देश्य से, राज्य नागरिक सलाहकार एवं कार्यान्वयन समिति की पहली बैठक मुख्य सचिव और समिति अध्यक्ष अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई।
मुख्य सचिव ने सभी प्रशासनिक सचिवों को निर्देश दिए कि वे इस समय छुट्टी पर गए अधिकारियों और कर्मचारियों को तुरंत वापस बुलाएं। साथ ही, आवश्यकता पड़ने पर त्वरित कार्रवाई करने के लिए अग्रिम और आकस्मिक योजनाएं भी तैयार रखें। उन्होंने कहा कि विभाग कम समय में आवश्यक उपाय लागू करने के लिए खुद को तैयार रखें। आपात स्थितियों के दौरान समन्वय बढ़ाने के लिए उप-सचिव (सचिवालय स्थापना) की देखरेख में राज्य सचिवालय में एक युद्ध आपातकालीन शाखा स्थापित की जाएगी।
गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा, जो समिति की उपाध्यक्ष भी हैं, ने सोशल मीडिया पर चल रही फर्जी खबरों और गलत सूचनाओं के दृष्टिगत सख्त प्रवर्तन उपायों की आवश्यकता जताई। उन्होंने संबंधित विभागों को तत्काल और निरंतर कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए कहा कि ऐसी सामग्री की प्रभावी रूप से निगरानी की जानी चाहिए और गलत सूचना फैलाने वाले सभी खातों को ट्रैक और बंद किया जाना चाहिए।
भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच हरियाणा सरकार ने मौजूदा हालात की समीक्षा के लिए तत्काल कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री नायब सैनी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों के डिप्टी कमिश्नर और पुलिस अधीक्षकों के साथ अहम बैठक करेंगे। इस बैठक में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, गृह सचिव, डीजीपी, और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
बैठक का उद्देश्य
मुख्यमंत्री नायब सैनी इस बैठक में सीमावर्ती क्षेत्रों, खासकर अंबाला, सिरसा, और हिसार जैसे जिलों में सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा करेंगे। भारत-पाक तनाव के मद्देनजर हरियाणा में हाई अलर्ट है। वहीं, अंबाला के एयरफोर्स स्टेशन समेत अन्य सैन्य ठिकानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। बैठक में कानून-व्यवस्था, आपातकालीन सेवाओं, और जनता में विश्वास बनाए रखने के उपायों पर चर्चा होगी।