भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव के बीच स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। इस सतर्कता के बीच विभाग ने जिला नागरिक अस्पताल में हाल ही में बने आईसीयू को भी वैकल्पिक तौर पर शुरू कर दिया है। वैसे तो यहां पर आठ डॉक्टरों की जरूरत है, लेकिन आपातकाल की स्थिति को देखते हुए यहां दो डॉक्टरों और चार नर्सिंग ऑफिसर की ड्यूटी लगा दी गई है।
आईसीयू को वैकल्पिक रूप से शुरू करने पर अधिकारियों का कहना है कि वे आपातकाल की हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। पिछले लंबे समय से आईसीयू का निर्माण कार्य तो पूरा हो चुका था, लेकिन इसे डॉक्टरों की कमी के बीच शुरू नहीं किया गया था।
हाल ही में जिले में स्वास्थ्य विभाग को 20 नए डॉक्टर मिले हैं। ऐसे में जल्द ही नियमित रूप से आईसीयू शुरू करने की योजना बनाई। इस आईसीयू में जिला नागरिक अस्पताल में एसएमओ डॉ. दिनेश कंसल को प्रभारी लगाया गया है। जबकि उनके साथ एक अन्य डॉक्टर की भी ड्यूटी यहां पर लगाई गई है। अधिकारियों का कहना है यदि आपातकाल की स्थिति हुई तो फील्ड में कार्य कर रहे डॉक्टराें को भी यहां लगाया जाएगा।
पोर्टेबल अस्पताल को भी खोला, बनाए वार्ड
आपातकाल की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सामान्य अस्पताल में कोरोना के समय बनाए गए पोर्टेबल अस्पताल को भी खोल दिया है। यहां पर भी अलग से वार्ड बनाए गए हैं। पोर्टेबल अस्पताल में 100 बेड लगाए गए हैं। जबकि अस्पताल परिसर में भी 200 बेड का प्रबंध है। अधिकारियों अनुसार आपातकाल की स्थिति से निपटने के लिए 200 बेड को रिजर्व रखा जाएगा। इसके साथ ही ग्रामीण स्तर पर भी स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त किया गया है, ताकि लोगों को बेहतर इलाज मिल पाए।
अधिकारी के अनुसार
जिला नागरिक अस्पताल के प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. सचिन मांडले ने बताया कि जिला नागरिक अस्पताल में बनाए गए आईसीयू को वैकल्पिक तौर पर शुरू कर दिया गया है। यहां पर दो डॉक्टरों सहित छह स्वास्थ्य कर्मियों की ड्यूटी लगा दी गई है। सरकार व जिला प्रशासन के आदेशों पर किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए विभाग की ओर से तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।