देश की ‘अर्जुन’ हरियाणा के जिला भिवानी की अंतरराष्ट्रीय महिला बॉक्सर कविता चहल बड़ी उपलब्धियों के बावजूद मधुबन में ‘सिपाही’ के पद पर कार्यरत हैं।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धाओं में पदक जीतने के बावजूद कविता को डीएसपी नहीं बनाया गया। वहीं, उनके बराबर उपलब्धियों वाले मुक्केबाजों को डीएसपी बनाया जा चुका है।
कविता अपने हक के लिए मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से तीन बार मिल चुकी हैं, लेकिन बॉक्सर को आश्वासन ही मिले हैं। इस मामले को ‘अमर उजाला’ लगातार उठा रहा है।
कविता को अपने हक मिलने का इंतजार है। इस मुद्दे पर ‘अमर उजाला’ से बातचीत में जन स्वास्थ्य मंत्री किरण चौधरी और मुख्य संसदीय सचिव रामकिशन फौजी का कहना है कि हरियाणा सरकार की खेल नीति के तहत सभी योग्य खिलाड़ियों को मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंंह हुड्डा उनका हक दे रहे हैं।
कविता के लिए मुख्यमंत्री से मिलूंगी : किरण
जन स्वास्थ्य मंत्री किरण चौधरी ने कहा कि देश की होनहार अंतरराष्ट्रीय महिला बॉक्सर कविता अपने हक से वंचित हैं, यह उनके संज्ञान में नहीं था। अब पता चल गया है।
जल्द ही मुख्यमंत्री से मिलकर कविता को उनका हक दिलाने के लिए बातचीत करेंगी। उन्होंने कहा कि राज्य खेल नीति सबसे अच्छी है।
खिलाड़ियों को उनकी योग्यता के आधार पर पद दिए जाते हैं। कविता योग्यता के बावजूद हक से वंचित है तो उसे पूरा हक दिलाया जाएगा।
कविता को उसका हक जरूर मिलेगा : फौजी
मुख्य संसदीय सचिव रामकिशन फौजी ने कहा कि राज्य सरकार की खेल नीति देश की सबसे बढ़िया खेल नीति है। भिवानी जिले के खिलाड़ियों ने प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दी है।
कविता के मामले को मुख्यमंत्री के सामने रखेंगे। मुख्यमंत्री हुड्डा कविता को उसका हक जरूर देंगे। वे खुद मुख्यमंत्री से मिलकर इस बारे में बात करेंगे और जल्द कविता को उनका हक दिलाया जाएगा।