मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने आतंकवाद के खतरे से निपटने के लिए कानूनविदों से सरकार के प्रयासों में सहयोग देने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि इस बारे में स्पष्ट संदेश जाना चाहिए कि आतंकवादी कड़ी सजा से नहीं बच सकते।
नई दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय न्यायविदों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आतंकवाद की घटनाओं से हमारे विकास में बाधा पहुंचती है।
कानून के दायरे में आतंकवादी घटनाओं पर उचित जवाब देने के लिए न्यायविद सरकार की सहायता कर सकते हैं। आपके सहयोग से आतंकवाद के खिलाफ हमारे प्रयासों को बल मिलेगा।
हुड्डा ने कहा कि अजमल कसाब का मामला इस दिशा में शानदार उदाहरण है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद की घटनाओं जैसी आपात स्थितियों से निपटने के लिए सरकार सुरक्षा बलों को और कानून का पालन कराने वाली एजेंसियों को आवश्यक प्रशिक्षण दे रही है।
लोगों को सुरक्षा प्रदान करना सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है और सरकार इस मामले में कोई कोताही नहीं बरतेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में हमें संविधान और कानून के दायरे में रहते हुए न्याय, स्वतंत्रता, समानता और गरिमा के बुनियादी मूल्यों का भी संरक्षण करना होगा।
दमन, अन्याय और अभिव्यक्ति की आजादी के हनन से दुश्मनों को हमारे खिलाफ नफरत फैलाने में मदद मिलेगी, जिसका प्रतिकूल असर बाहर से हमें मिलने वाले सहयोग पर पड़ सकता है।
हुड्डा ने जोर देकर कहा कि हम अपने निर्दोष नागरिकों को आतंकवादियों के नापाक इरादों का शिकार नहीं बनने देंगे। शांति तथा सद्भाव कायम रखने के लिए ठोस कदम उठाएंगे।