हरियाणा के जिला जींद के गांव बीबीपुर में एक जनवरी को पंचायत की ओर से पिछले एक साल में बेटियों को जन्म देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया जाएगा। बीते साल एक जनवरी से नवंबर तक गांव में 44 महिलाओं ने बेटियों को जन्म दिया है।
इसके अलावा दिसंबर महीने में बेटियों को जन्म देने वाली महिलाओं को भी सम्मानित किया जाएगा। समारोह की तैयारी जारी है। जींद के गांव बीबीपुर में 18 जून 2012 को देश की पहली महिला ग्रामसभा कन्या भ्रूण की हत्या को रोकने के लिए मुद्दे पर हुई थी।
इसके बाद 14 जुलाई 2012 को ही गांव में 100 से अधिक खाप पंचायतों की महापंचायत का सफल आयोजन महिलाओं ने किया है। वर्ष 2012 में गांव महिला पुरुष अनुपात काफी नीचे थे। महापंचायत का आयोजन होने के बाद गांव के लिंग अनुपात में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है।
आंकड़ों पर नजर दौड़ाई जाए तो यह बात स्पष्ट हो जाती है। गत जनवरी महीने में बीबीपुर गांव में 5 बेटियों व 5 बेटों ने जन्म लिया। इसके बाद फरवरी माह में 4 लड़के व 4 लड़कियां, मार्च में 1 लड़का व 3 लड़कियां, अप्रैल में 2 लड़कियां व 2 लड़के, मई महीने में एक भी लड़के ने जन्म लिया।
जबकि 5 बेटियों की किलकारियां गांव में गूंजी। जून में 1 लड़का व 2 लड़की, जुलाई में 4 लड़के व 5 लड़कियां, अगस्त में 3 लड़के व 4 लड़कियां, सितंबर में 3 लड़के व 4 लड़कियां, अक्तूबर में 8 लड़के व 5 लड़कियां तथा नवंबर महीने में 6 लड़के व 5 लड़कियों ने जन्म लिया है।
गत नवंबर तक गांव में 37 लड़के व 44 लड़कियों ने जन्म लिया है। बीबीपुर की पंचायत की ओर से सम्मान के रूप में महिलाओं को एक एक शील्ड व शाल देकर सम्मानित किया जाएगा। वर्ष 2012 में गांव 0-12 महीने का सेक्स रेशो 561 था। जो इस साल बढ़कर 1189 नवंबर महीने तक हो गया है।
जो खाप पंचायतों के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा सकता है। बीबीपुर के गांव सरपंच सुनील कुमार जागलान ने बताया कि यह फैसला गांव की पंचायत ने लिया है। महिलाओं को एक शील्ड और एक शॉल देकर सम्मानित किया जाएगा।