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Hisar News: तू कायर है, स्कूल छोड़कर भाग गया... दोस्तों के तानों ने आरोपी के मन में भर दिया था जहर, दीक्षित को सबक सिखाना चाहता था

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छात्र दी​क्षित फाइल फोटो
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हिसार। करीब एक साल पहले स्कूल में बैंच पर बैठने के लिए दीक्षित के साथ हुए विवाद की बात उसकी हत्या तक पहुंच जाएगी, इसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। असल में दोस्तों के तानों से आजिज आकर आरोपी छात्र ने इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी छात्र के स्कूल बदलने के बाद दोस्त उसे डरपोक-कायर कहकर ताना देते थे। ऐसे में उसने ठान लिया था कि दीक्षित को सबक सिखाकर सबकी बोलती बंद कर देगा। राजकीय रेलवे पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने यही खुलासा किया। पुलिस ने उसे अभिरक्षा में लेकर उसके घर पर ही रखा। हत्या में इस्तेमाल की गई डोगा बंदूक, गोलियों के दो खोल और बाइक को बरामद कर लिया है। दीक्षित के पिता ने देर रात आरोपी और उसके पिता पर केस भी दर्ज करवा दिया। वहीं, आरोपी को रात में ही जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में पेश कर करनाल स्थित बाल सुधार गृह में भेज दिया।
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जीआरपी के मुताबिक, दोनों छात्रों में विवाद के बाद आरोपी का उसके परिजनों ने स्कूल बदलवाया था। उसे पुराने स्कूल से करीब तीन किलोमीटर दूर स्थित निजी स्कूल में दाखिला दिलाया। इसके बाद दीक्षित व उसके अपने दोस्त उसे ताना देने लगे कि तू तो कायर है, डरपोक है, तू स्कूल छोड़कर भाग गया। तेरे को स्कूल से निकलवा दिया। इससे आरोपी के मन में दीक्षित के प्रति जहर भर गया था। उसने दीक्षित को सबक सिखाने की ठानी और घर से बुलाकर वारदात को अंजाम दिया।
नहीं कराया पोस्टमार्टम
दोपहर करीब एक बजे पुलिस ने शव को नागरिक अस्पताल पहुंचाया। राजकीय रेलवे पुलिस ने परिजनों से बयान लिखवाने के लिए कहा। मृतक के परिजनों ने कई बार बयान लिखे और उनको फाड़ भी दिया। शाम 5 बजे तक परिजन बयान दर्ज नहीं करा पाए। इस वजह से पोस्टमार्टम नहीं कराया जा सका। शुक्रवार को पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।
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अपने बेटे को घी-दूध पिलाओ..हमारा तो ऐसे ही करेगा
जीआरपी को दर्ज करवाई रिपोर्ट में दीक्षित के पिता प्रकाश ने बताया कि आरोपी उनके बेटे से 9वीं कक्षा से ही रंजिश रखता था। इस बारे में उसके मां, पिता और दादा को भी बताया। वह कहते थे कि अपने बेटे को घी-दूध पिलाओ, हमारा तो ऐसे ही करेगा। स्कूल में फिर झगड़ा किया तब भी उसके परिजनों को शिकायत की। उन्होंने फिर कहा, हमारा लड़का तो ऐसे ही करेगा, तुम अपने बच्चे को कहीं और ले जाओ। नहीं ले गए तो हमारा लड़का कुछ भी कर सकता है। प्रकाश ने बताया किसी अनहोनी की आशंका के कारण हमने दीक्षित को कह रखा था कि उससे दूर रहे।
आखिरी बार मिलना चाहता हूं..कहकर बुलाया
प्रकाश ने रिपोर्ट में बताया कि आरोपी छात्र ने दीक्षित को फोन कर कहा कि वह उससे आखिरी बार मिलना चाहता है। करीब 7.30 बजे एक महिला ने बताया कि आपके लड़के को गोली लगी है। मैं मौके पर पहुंचा तो दीक्षित की सांसें चल रही थीं। उसे अस्पताल ले जा रहे थे तो रास्ते में उसने बताया कि आरोपी मोटरसाइकिल पर था और उसके पास बंदूक थी।


नाबालिग आरोपी को जांच अधिकारी ऊषा ने अभिरक्षा में लिया है। रात में ही उसे जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के समक्ष पेश कर करनाल स्थित बाल सुधार गृह भेज दिया है। हत्या में इस्तेमाल बंदूक, कारतूस के दो खोल व बाइक बरामद कर ली है। आरोपी और उसके पिता केस दर्ज किया है। - विनोद कुमार थाना, प्रभारी, राजकीय रेलवे पुलिस , हिसार
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