हिसार। नागोरी गेट स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर एवं धर्मशाला को बेचने संबंधी विवाद में मंगलवार को लिखित बयान और सुबूत पेश किए गए।
उपायुक्त की इनक्वायरी में नोडल ऑफिसर एसडीएम अश्वीर नैन के समक्ष पेश होकर मुख्य शिकायतकर्ता एडवोकेट मनोज चंद्रवंशी ने लिखित बयान व मंदिर की बिक्री संबंधी सुबूत पेश किए। इस दौरान दूसरे पक्ष से ईश्वर चंद पेश हुए, जिन पर मंदिर को बेचने का आरोप है। नोडल ऑफिसर ने अभी अगली सुनवाई को लेकर कोई नई तिथि नहीं दी है। उनका कहना है कि आगामी कार्रवाई के बारे में दोनों पक्षों को अवगत करा दिया जाएगा।
बता दें कि श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर व धर्मशाला को उनके ट्रस्टियों ने बेच दिया था। एडवोकेट मनोज चंद्रवंशी ने आरोप लगाया था कि फर्जी तरीके से ये ट्रस्टी बनाए गए हैं। चूंकि यह धर्मांर्थ की जमीन है तो इसे बेचा नहीं जा सकता है। मनोज चंद्रवंशी ने उपायुक्त से इस मामले की शिकायत की तो यह मामला थाने तक भी पहुंच गया। इस पर मंदिर व धर्मशाला की जमीन खरीदने वाले व्यक्ति ने इस खरीदने से मना करते दोबारा से इसे ट्रस्ट को बेच दिया। अब मनोज चंद्रवंशी मंदिर की जमीन बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। ब्यूरो