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पाला पड़ने की चेतावनी, जमाव बिंदु तक पहुंच सकता पारा

Wed, 11 Jan 2017 12:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/हिसार
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घने कोहरे में वाहनों की लाइट जलाकर निकले लोग। - फोटो : अमर उजाला
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लगातार गिर रहे तापमान के कारण जिले में कड़ाके की ठंड शुरू हो गई। इस हफ्ते में ही न्यूनतम तापमान जमाव बिंदु तक जाने की संभावना जताई जा रही है। लगातार गिर रहे पारे को देखते हुए मौसम वैज्ञानिकों ने पाला पड़ने की चेतावनी जारी की है। इधर, मंगलवार को न्यूनतम तापमान 2.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जिसके कारण लोग ठंड से दिन में भी ठिठुरते रहे। अधिकतम तापमान 17.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे पहले सोमवार को अधिकतम तापमान 16.08 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 5 डिग्री सेल्सियस रहा था। लगातार बढ़ रही ठंड के कारण किसानों के चेहरों पर शिकन बढ़ गई है।
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मौसम विभाग की चेेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार 11 जनवरी से 15 जनवरी तक मौसम खुश्क परंतु परिवर्तनशील व रात्रि के तापमान में गिरावट आने की संभावना है। अगले दो दिनों में कहीं कहीं पाला पड़ने तथा इसके बाद आंशिक बादल छाने की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार इस हफ्ते अधिकतम तापमान 18 से 22 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 1 से 7 डिग्री सेल्सियस तक जाने की संभावना जताई जा रही है। इस दौरान 3 से 7 किलोमीटर की गति से हवा चलेगी और हवा में 60 से 90 प्रतिशत आर्द्रता रह सकती है।

ठिठुरते हुए स्कूल जाएंगे छोटे बच्चे
रविवार को स्कूली विद्यार्थियों की छुट्टियां खत्म हो गईं थीं। लेकिन अब धीरे धीरे तापमान जमाव की और जा रहा है, जिससे स्कूली बच्चों को दिक्कतें हो रही हैं। कयास लगाए जा रहे थे कि स्कूलों की छुट्टियां आगे बढ़ाई जाएंगी। लेकिन शिक्षा विभाग ने कोई छुट्टी नहीं बढ़ाई है। ऐसे में बच्चे ठिठुरते हुए स्कूल जा रहे हैं।
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कई ट्रेनों की रफ्तार सुस्त
लगातार बढ़ रही ठंड और पंजाब व यूपी में कोहरे के कारण ट्रेनों की रफ्तार सुस्त हो गई है। गोरखधाम एक्सप्रेस ट्रेन 6 से 7 घंटे लेट चली। वहीं किसान एक्सप्रेस, हरियाणा एक्सप्रेस, हिसार जयपुर, हिसार-लुधियाणा आदि ट्रेनें अपने निर्धारित समय से काफी देरी से पहुंची। ट्रेनें लेट चलने के कारण प्लेटफार्म पर यात्री घंटों तक इंतजार करते रहे।

किसानों के लिए वैज्ञानिकों की सलाह
एचएयू के वैज्ञानिकों के अनुसार तापमान कम होने की संभावना को देखते हुए किसान गेहूं की फसल में सिंचाई अवश्य करें। वहीं बरसीम व हरे चारे की अन्य फसलों में सिंचाई के साथ आवश्यकतानुसार खाद भी डालें। रात्रि तापमान में गिरावट की संभावना को देखते हुए सब्जियों व छोटे फलदार पौधों को हल्की सिंचाई करें तथा उन्हें भूसा आदि से ढकें। ठंड से बचाने के लिए पोल्ट्री पक्षियों को रात के समय आवश्यकतानुसार कृत्रिम उष्मा प्रदान करें। वहीं पशुओं को पशुशाला या छप्पर आदि में ही बांधें। पशुओं के अच्छे स्वास्थ्य व दुग्ध उत्पादन के लिए 50 ग्राम नमक तथा 50 से 100 ग्राम खनिज मिश्रण प्रति पशु अवश्य दें व हरा चारा खिलाएं।

सरसों की करें निगरानी
पाला पड़ने की संभावना को देखते हुए किसान सरसों की फसल में सिंचाई अवश्य करें। यदि पानी उपलब्ध न हो तो जिस और से हवा आ रही हो उस ओर से धुआं करें। मौसम के परिवर्तनशील रहने तथा वातावरण में आर्द्रता अधिक होने के कारण सरसों की फसल में चेपा कीट का प्रकोप हो सकता है। इसलिए किसान सरसों की निगरानी करते रहें। सरसों में सफेद रतुआ हो तो किसानों उपयुक्त दवाई का छिड़काव करें।
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