फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hisar News: जल संकट बरकरार, अभी स्वच्छ पानी के नहीं आसार

विज्ञापन
तोशाम रोड ​स्थित एचएसवीपी का जलघर। 
विज्ञापन
हिसार। शहर के कई इलाकों में अब भी पेयजल किल्लत बरकरार है और जल्द राहत के आसार भी नजर नहीं आ रहे। लोग पीले रंग का दूषित पानी आने की शिकायतें कर रहे हैं जो नहाने लायक भी नहीं है। बालसमंद नहर में अब भी गंदा पानी ही चल रहा है। इससे जलघरों को भरने की चार-पांच दिन कोई संभावना नहीं है। उधर, करीब 20 हजार एकड़ भूमि में अब भी बारिश और ड्रेन का पानी भरा हुआ है जिसकी निकासी में 15 से 20 दिन का समय लगने की संभावना है।
विज्ञापन


अमर उजाला टीम ने शनिवार को शहर के प्रमुख जलघरों पर पहुंचकर पानी भंडारण की पड़ताल की। इस दौरान सामने आया कि जनस्वास्थ्य विभाग और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के इन जलघराें में महज तीन से चार फीट पानी है। नहर में दूषित पानी होने की वजह यह है कि लोग खेतों से निकाले रहे पानी को इसमें डाल रहे हैं। ऐसा पिछले करीब एक महीने से किया जा रहा है। खेतों में भरा बारिश का पानी सड़ चुका है। इससे दुर्गंध आने लगी है। इसका उपयोग पेयजल के लिए नहीं किया जा सकता। इसी वजह से जनस्वास्थ्य विभाग और एचएसवीपी अपने जलघरों को नहीं भर पा रहे। जिला प्रशासन ने जलघरों को भरने के लिए तीन दिन तक नहरों में खेतों का पानी डालने से रोक लगाने का प्रयास किया था लेकिन सफल नहीं हो पाया। अब सिंचाई विभाग खेतों में भरा पानी चार-पांच दिन बाद कुछ कम होने की उम्मीद कर रहा है। इसके बाद एक बार चार से पांच दिन का ब्रेक लेकर जलघरों को भरवाने की कोशिश की जाएगी। जनस्वास्थ्य विभाग तथा एचएसवीपी की ओर से 10-10 अतिरिक्त पंप सेट तथा साइफन नहर पर रखे गए हैं। जब भी नहर में साफ पानी आएगा दो से तीन दिन में सभी जलघरों को भर दिया जाएगा।

तोशाम रोड जलघर

इसमें 5 टैंक हैं। इनसे सेक्टर 16-17, सेक्टर 13, सेक्टर, अर्बन एस्टेट टू, पीएलए ,सेक्टर 9-11 को पानी की आपूर्ति होती है। यहां मुख्य जलघर की भंडारण की क्षमता 15 फीट तक है। पूरा भरने के बाद संबंधित इलाकों में 20 दिन जलापूर्ति की जा सकती है। फिलहाल इस जलघर में 3 फीट पानी बचा है। एचएसवीपी के कर्मचारी नहरी पानी में बोरवेल का पानी मिलाकर आपूर्ति कर रहे हैं। यहां से दिन में एक ही समय आपूर्ति दी जा रही है और दो से तीन दिन का पानी ही बचा है।
विज्ञापन


कैमरी रोड जलघर

इसमें दो बड़े टैंक हैं। इनसे कैमरी रोड, पटेल नगर, जवाहर नगर, लाजपत नगर और डिफेंस काॅलोनी सहित अन्य इलाकों को पानी की आपूर्ति की जाती है। दोनों टैंक की 14 फीट तक पानी भंडारण की क्षमता है। अभी महज दो फीट पानी बचा है। संबंधित इलाकों में दिन में एक ही समय पानी की आपूर्ति दी जा रही है। पानी में बोरवेल का पानी भी मिलाया जा रहा है। टैंकों में कमल के फूल, काई, कीचड़ नजर आ रहा है। यहां महज दो दिन का ही पानी बचा है।

महाबीर काॅलोनी जलघर

महाबीर काॅलोनी स्थित दो जलघर के दो टैंकों से बडवाली ढाणी, महाबीर काॅलोनी, शिव काॅलोनी, राजीव नगर, कुंजलाल गार्डन, संत नगर, सैनियान मोहल्ला, पुरानी सब्जी मंडी एरिया, डोगरान मोहल्ला, ठंडी सडक एरिया, कुम्हारान मोहल्ला सहित पुराने शहर के बड़े हिस्से को पानी की आपूर्ति होती है। अभी टैंकों में चार से पांच फीट पानी बचा है। इससे महज तीन दिन की आपूर्ति ही संभव है। पुराने शहर के एरिया में भी पानी की कटौती हो रही है। एक दिन छोड़कर एक दिन पानी दिया जा रहा है।

एक्सईएन हांसी की ओर से सबसे अधिक पानी कैंट के पास नहर में डाला जा रहा है। हमने उनसे बातचीत की है। चार से पांच दिन बाद तीन-चार दिन का ब्रेक लेकर जलघरों को भरने के लिए प्रयास किया जाएगा। जिले में करीब 20 हजार एकड़ भूमि पर अब बारिश व ड्रेन का पानी भरा हुआ है जिसकी निकासी कराई जा रही है।
- आनंद श्योराण, कार्यकारी अधिकारी, सिंचाई विभाग

ग्लोबल स्पेस में पेयजल संकट

ग्लोबल स्पेस सेक्टर 24 में पिछले तीन दिन से पेयजल सप्लाई ने आने से सेक्टरवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सेक्टरवासी अपने स्तर पर पानी की व्यवस्था करने को मजबूर हो रहे हैं। रेजिडेंट वेलफेयर सोसायटी ग्लोबल स्पेस के प्रधान जयभगवान बडाला ने कहा कि बिल्डर पर्याप्त जलापूर्ति कराने में फेल साबित हुआ है। उपप्रधान मदन लाल चैहान, महासचिव नरेश सैनी, सहसचिव डाॅ. कुलवंत बाजिया ने कहा कि पेयजल की नियमित आपूर्ति होना जरूरी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें