हिसार। सोशल मीडिया पर नकली करंसी बनाने की वीडियो देखी और उसके बाद गिरोह से जुड़ गया। बाद में अपने कमरे पर नकली करंसी बनानी शुरू कर दी। यह खुलासा नकली करंसी मामले में पकड़े गए एक और आरोपी अभय ने किया है। आरोपी अभय उर्फ अभी पानीपत के समालखा का रहने वाला है। सीआईए टीम ने आरोपी को अदालत में पेश कर चार दिन के रिमांड पर लिया है। पुलिस ने उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिला के रहने वाले रविकांत को 2 लाख 56 हजार की नकली करंसी के साथ पकड़ा था। आरोपी रविकांत की निशानदेही पर आरोपी अभय को पकड़ने में सफलता हासिल लगी है।
2 लाख 20 हजार रुपये छापे थे
मामले की जांच कर रहे एएसआई महावीर ने बताया कि आरोपी अभय उर्फ अभी समालखा में पीतल की टूटियां बनाने वली फैक्टरी में 8000 रुपये प्रतिमाह पर नौकरी करता था। कुछ समय पहले आरोपी ने यूट्यूब पर नकली करंसी के नाम से एक वीडियो देखी और उसमे नोट बनाने के लिए कच्चा सामान मंगवाने हेतु दिखाए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क किया। उसने कहा कि मुझे कच्चा मॉल और नोट बनाने की वीडियो चाहिए। इस पर आरोपी अभय के पास नवाबगंज निवासी रविकांत का व्हाट्सएप के माध्यम से फोन आया। उसने अभय को नकली करंसी की फोटो दिखाई और कहा कि ये रुपये असली जैसे ही हैं मार्केट में आसानी से चल जाएंगे आप ले जाओ। रविकांत ने अभय को एक लाख असली नोटों के बदले तीन लाख रुपये के नकली नोट दे देने की बात कही। उसके बाद रविकांत 10000 रुपये की नकली करंसी का सैंपल लेकर समालखा आया। अभय ने बताया कि वो नोट देखने में असली नोट दिखाई दे रहे थे। रविकांत ने अभय उर्फ अभी को ऑफर दिया कि अगर वो उनके साथ मिलकर काम करेगा तो वे समालखा में ही नकली नोट छापने का काम कर सकते हैं। इसके तीन-चार महीने बाद रविकांत अपने दोस्त के साथ समालखा आ गया।
किराये पर लिया कमरा
आरोपी अभय, रविकांत और एक अन्य में मिलकर कर समालखा बाजार में एक कमरा किराये पर लिया और तीनों ने मिलकर लेपटॉप, कलर इकंजेट प्रिंटर, लेजर प्रिंटर व लॅमिनेटर के साथ नकली करंसी छापने का काम शुरू कर दिया। आरोपियों ने अपने एक और चौथे साथी के साथ स्कैनर पर असली नोट को स्कैन करके लेपटॉप में फोटो शॉप के माध्यम से उसकी पीडीएफ तैयार कर ए फॉर साइज के चार नोट बना लेजर प्रिंटर के माध्यम से करंसी प्रिंट करने लगे। करंसी प्रिंट करने के बाद गिरफ्तार आरोपी रविकांत और उसका दोस्त तैयार नोटों की वीडियो और फोटो व्हाट्सएप के माध्यम से दिखा कर ग्राहकों को फंसाते तथा ढाई या तीन लाख की नकली करंसी का सौदा एक लाख असली नोट में करते थे। जिसमें से इन चारों का हिस्सा होता था। 3 जुलाई को अभय उर्फ अभी और अन्य ने रविकांत को 500-500 के 2 लाख 10000 की नकली करंसी दी। 46 हजार 100 की नकली करंसी वह लखनऊ निवासी समीर से लेकर आया था। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर चार दिन के रिमांड पर लिया है। वहीं पहले पकड़े गए आरोपी रविकांत को शुक्रवार को अदालत में तीन दिन के रिमांड के बाद पेश किया जाएगा।