हिसार। नगर निगम की तरफ से गांव पातन में प्रस्तावित कचरा प्रोसेसिंग प्लांट के विरोध में बुधवार सुबह को कई गांव के ग्रामीण पंचायत में शामिल हुए। ग्रामीणों का कहना है कि वे पातन गांव में कूड़ा नहीं डालने देंगे। पंचायत में भाजपा, जजपा व कांग्रेस पार्टी के नेता भी शामिल रहे। वहीं, शाम को ग्रामीणों के साथ आमने-सामने हुई वार्ता में जमीन मालिक ने 5 दिन का समय मांगा है।
बता दें कि ढंढूर व सातरोड में कचरा निस्तारण प्लांट का विरोध होने के बाद निगम प्रशासन ने प्लांट के लिए जमीन लीज पर लेने का फैसला किया था। इसके तहत गांव पातन में एक किसान ने निगम को प्लांट लगाने के लिए अपनी जमीन उपलब्ध करवाई। इसके बाद ठेकेदार ने इस जमीन पर प्लांट लगाने का काम भी शुरू कर दिया गया। इसका पता चलने पर ग्रामीणों ने इसका विरोध कर दिया। इसी मामले को लेकर बुधवार को गांव पातन में पंचायत बुलाई गई थी।
गंदगी से बीमारी फैलने का खतरा
प्लांट को लेकर गांव पातन में सुबह पंचायत हुई, जिसमें पातन के अलावा गांव आर्यनगर, मुकलान, टोकस, हिंदवान, पनिहार के लोग शामिल हुए। पंचायत में पहुंचे सभी लोगों ने प्लांट का विरोध किया। ग्रामीणों का कहना था कि इस प्लांट के बनने से यहां कचरे के ढेर लग जाएंगे, जिससे बीमारी फैलने का खतरा भी बढ़ जाएगा। पंचायत में फैसला हुआ कि इस प्लांट को किसी भी कीमत पर नहीं बनने देंगे। अगर जबरदस्ती यहां प्लांट बनाया गया तो आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। इसी दौरान जमीन मालिक ने भी ग्रामीणों के सामने अपनी बात रखने को लेकर समय मांगा।
जमीन मालिक को होने वाले की नुकसान की भरपाई ग्रामीण करेंगे
इस मामले में शाम 5 बजे आर्यनगर के सरपंच रत्नलाल के घर पर बैठक हुई, जिसमें जमीन मालिक भी मौजूद रहा। बैठक में जमीन मालिक ने ग्रामीणों को बताया कि यहां कचरे से खाद बनाई जाएगी। यहां कचरा एकत्रित नहीं होने दिया जाएगा। मगर ग्रामीण जमीन मालिक की बात से सहमत नहीं हुए। ग्रामीणों ने जमीन मालिक से कहा कि यहां कचरा प्लांट न लगने से अगर उसे वित्तीय नुकसान होता है तो वह मिलकर इसकी भरपाई भी कर देंगे। गांव पातन के सरपंच पृथ्वी सिंह के मुताबिक जमीन मालिक ने 5 दिन का समय मांगा है। जमीन मालिक का यही कहना है कि वह यहां प्लांट नहीं लगाएगा।
प्लांट पर दिखी राजनीति
सातरोड की तरह यहां भी पूरी राजनीति हुई। खास बात यह है कि न सिर्फ विपक्षी दलों के नेताओं ने बल्कि गठबंधन सरकार के नेताओं ने भी गांव में प्लांट लगाने का विरोध किया। बुधवार सुबह हुई पंचायत में जजपा नेता विरेंद्र चौधरी, भाजपा नेता सुभाष पनिहार, कांग्रेस नेता संपत सिंह, भूपेंद्र गंगवा, मनोज टाक माही, अनिल मान आदि मौजूद रहे।
सफाई कर्मचारी बोले-नेता कचरे पर न करें राजनीति
उधर, नगर पालिका कर्मचारी संघ इकाई हिसार ने एक बैठक बुधवार को नगर निगम कार्यालय में की। इस दौरान प्रधान राजेश बागड़ी ने कहा कि वह शहरवासियों से अपील करते हैं कि कचरा निस्तारण प्लांट को लेकर निगम का सहयोग करे। वहीं नेताओं से अपील है कि वह इस पर राजनीति न करे। प्रधान ने कहा कि यूनियन निगम की तरफ से रोड स्वीपिंग व डोर-टू-डोर कचरा उठान के लिए लगाए जा रहे टेंडर का विरोध करती है। साथ ही निगम प्रशासन से मांग करती है कि सफाई कर्मचारियों की भर्ती की जाए। बैठक में जिला प्रधान सुनील लाडवा, सचिव सुरेंद्र राणा, बिशन सिंह, शशिकांत, सत्यवान भट्टी आदि मौजूद रहे।
दोपहर बाद भी डंपिंग प्वाइंट से होगा कचरे का उठान
वहीं संयुक्त आयुक्त प्रीतपाल ने स्वच्छता शाखा के अधिकारियों व सफाई दरोगा के साथ बैठक की। उन्होंने बताया कि मंगलवार शाम को उन्होंने डंपिंग प्वाइंट का निरीक्षण किया तो कई प्वाइंट पर कचरा मिला। हालांकि सुबह इन प्वाइंट से कचरा उठाया जा चुका था। उन्होंने कहा कि अब निगम के 10 ट्रैक्टर-ट्रॉली दोपहर बाद भी डंपिंग प्वाइंट से कचरे का उठान करेंगे। इस दौरान संयुक्त आयुक्त ने बढि़या काम करने वाले सफाई कर्मचारियों को सम्मानित करने का सुझाव रखा तो कर्मचारी बोले कि वरिष्ठता के आधार सफाई कर्मचारियों को सम्मानित किया जाए।
सॉलिड वेस्ट प्लांट के लिए सरकारी जमीन मिलने की जगी आस
निगम को सॉलिड वेस्ट प्लांट के लिए सरकारी जमीन मिलने की आस जगी है। यह जमीन जीएलएफ की है और इसकी एयरपोर्ट से दूरी भी 10 किलोमीटर से अधिक है। इसके आसपास रिहायश भी नहीं है। निगम प्रशासन ने यह जमीन लेने के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं।