हिसार। कैंट के सामने सर्विस रोड के निर्माण के मामले में बुधवार सुबह दोनों पक्ष नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के कार्यालय के सामने भिड़ गए। इस दौरान दोनों पक्षों में काफी बहसबाजी हुई। कॉलोनी वासियों ने दूसरे पक्ष पर अधिकारियों व ठेकेदार को रिश्वत देकर अपनी दुकानें बचाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। वहीं दूसरे पक्ष के दुकानदारों ने कहा कि गंदी राजनीति कर उनकी दुकानें तुड़वाई जा रही हैं।
बता दें कि मंगलवार को एनएचएआई के अधिकारी सर्विस रोड का निर्माण कार्य शुरू करवाने गए थे। इस दौरान 8 मीटर की पैमाइश करवाकर बरसाती नाले की खोदाई शुरू करवा दी। मगर कॉलोनीवासियों ने यह कहकर विरोध कर दिया कि पहले रोड के लिए अधिग्रहण की गई जमीन पर बनीं दुकानों को तोड़ा जाए और उसके बाद रोड का निर्माण किया जाए। लोगों के विरोध के बाद एनएचएआई के अधिकारी लौट आए।
उनका सर्विस रोड से कोई लेना-देना नहीं, सिर्फ हमारी दुकानें तुड़वानी हैं
दुकानदार पक्ष के लोग बुधवार सुबह एनएचएआई के कार्यालय में पहुंचे। दुकानदार राजेश सिहाग ने बताया कि प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने उनसे कहा कि वह 8 मीटर में रोड बनाने को तैयार हैं। मैंने काम भी शुरू करवा दिया था। सिहाग ने कहा कि वह उस ढाबा मालिक को अपने साथ लेकर गए थे, जिसने अपनी मर्जी से अपना ढाबा तोड़ा था। मगर दूसरे पक्ष के हंगामे के बाद वह डरकर भाग गया। राजेश सिहाग ने दूसरे पक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनका कहना है कि हमें रोड से मतलब नहीं है। हमें सिर्फ दुकानें तुड़वानी है। सिहाग ने कहा कि दूसरे पक्ष में कोई दुकानदार भी नहीं है क्योंकि दुकानदार होता तो दुकानें तुड़वाने की क्यों कहता। राजेश सिहाग ने कहा कि वह उपायुक्त से भी मिले थे। उपायुक्त ने कहा कि यह मामला एनएचएआई का है और वो ही इसका समाधान करेगा। शाम को सड़क सुरक्षा समिति की बैठक है। वह बैठक में इस मामले को रख देंगे।
दुकानें नहीं तोड़ी पर टोल प्लाजा पर देंगे धरना
वहीं दूसरे पक्ष से कैंट मार्केट एसोसिएशन के प्रधान ताराचंद अनेजा ने बताया कि दूसरे पक्ष में 5-6 दुकानदार ही है, जिनकी दुकानें इस जमीन में आ रही है। इन दुकानदारों ने दोबारा से निर्माण कर कब्जा किया हुआ है। इन्होंने एक होटल वाले को फंसाकर उसका होटल भी तुड़वा दिया। उनकी मांग है कि होटल को फिर से बनवाया जाए या फिर जहां तक एनएचएआई की जमीन है, वहां तक दुकानों को तोड़ा जाए। प्रशासन ने 46 दुकानदारों को नोटिस दिए थे। सिर्फ 10 दुकानदारों को छोड़कर सभी ने अतिक्रमण हटा लिया। ये अधिकारियों व ठेकेदार को रिश्वत देकर अपनी दुकानों को बचा रहे हैं। ताराचंद अनेजा ने बताया कि वह इस मामले में प्रोजेक्ट डायरेक्टर से मिले थे तो उन्होंने कहा कि पुलिस न मिलने के कारण इन दुकानों को तोड़ा नहीं जा सका। इस मामले में वह उपायुक्त से मिलने पहुंचे। उपायुक्त ने कहा कि एनएचएआई ने उन्हें कभी पुलिस बल उपलब्ध करवाने के लिए पत्र ही नहीं लिखा। अगर वह आज लिख देते हैं तो कल उन्हें पुलिस बल उपलब्ध करवा देंगे। एसोसिएशन प्रधान ने कहा कि अगर शनिवार तक कोई कार्रवाई नहीं करते हैं तो वह टोल प्लाजा पर धरना देंगे।