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Hisar News: जमीन की उपलब्धता न होने पर चरखी दादरी के जलभराव वाले क्षेत्रों में डाली जाएंगी भूमिगत पाइलाइन

Mon, 19 Feb 2024 02:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
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चरखी दादरी। जलभराव वाले क्षेत्रों में जमीन की उपलब्धता न होने पर सिंचाई विभाग भूमिगत पाइपलाइन बिछाएगा। जलभराव वाले क्षेत्रों में बारिश के पानी की निकासी का प्रोजेक्ट 30 जून तक पूरा करने की योजना पर विभाग ने प्रारूप तैयार कर लिया है। राज्य बाढ़ कमेटी ओर से इस प्राेजेक्ट को फरवरी 2022 में स्वीकृति मिल चुकी है। इस प्रोजेक्ट के लिए 43.57 करोड़ रुपये का बजट मंजूर हो चुका है।इसके तहत जिला के करीब 15 गांवों में खुली और भूमिगत पाइप लाइन बिछाई जाएगी। बारिश के पानी की निकासी के पुख्ता प्रबंध किए जाएंगे।
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इमलोटा समेत जिले के कई क्षेत्रों में हर साल बारिश से खेतों में जलभराव हो जाता है। खेतों में जलभराव होने पर किसानों की दो फसलें खराब हो जाती हैं जिससे किसानों को मोटा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है। बार-बार जलभराव होने से जमीन की उपजाऊ शक्ति भी खत्म होने लगती है। सेम की समस्या बढ़ जाती है जिससे फसली दाना समेत खरपतवार और अन्य किस्म के पौधे भी नहीं उगते। जमीन बंजर हो जाती है।

- इन गांवों में रहती है समस्या
जिले के दिल्ली रोड पर कई गांवों में बारिश से जलभराव ज्यादा मात्रा में होता है। गांव इमलोटा, सरूपगढ़, सांतौर, नीमली, कंहेटी, भागवी, बिगोवा, मोरवाला, अचीना ताल, साहुवास और फतेहगढ़ आदि क्षेत्र में जलभराव से हर साल ज्यादा नुकसान होता है। पानी की निकासी के प्रबंध न होने से हर साल दिक्कत बनी रहती है।
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जिले के और भी कई गांव हैं जहां जलभराव की समस्या होती है। मानसून सीजन में हर साल साढ़े चार हजार एकड़ में जलभराव हो जाता है जिससे करोड़ों रुपये का नुकसान होता है। लगातार दो माह तक खेतों में पानी भरा रहता है।

- गांवों को आपस में जोड़कर की जाएगी पानी की निकासी
सरकार ने जलभराव वाले क्षेत्रों के लिए विशेष योजना तैयार की है। मुख्यमंत्री की संस्तुति पर राज्य बाढ़ राहत कमेटी इसे पहले ही स्वीकृति दे चुकी है। इन गांवों को आपस में जोड़ते हुए भूमिगत और खुली पाइप लाइनें बिछाई जाएंगी। जहां पर्याप्त जमीन की उपलब्धता नहीं होगी वहां भूमिगत पाइप लाइनें बिछाई जाएंगी। शेष क्षेत्र में खुली लाइनोंं से काम चलाया जाएगा। लाइनों के बीच में कुछ दूरी के अंतराल में हौदी यानी छोटी टंकियां बनाई जाएंगी। आने वाले मानसून सीजन से पहले यह काम पूरा होने की उम्मीद है। इससे जलभराव से किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।


परियोजना का टेंडर आमंत्रित कर दिया गया है और 30 जून तक काम पूरा करवाने की योजना है। जिन गांवों में जमीन की उपलब्धता नहीं हुई वहां भूमिगत पाइपलाइन डाली जाएगी। - हरबीर सिंह, एसडीओ, सिंचाई विभाग, चरखी दादरी।
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