प्रदेश में महिलाएं कितनी सुरक्षित हैं, इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा
सकता है कि यहां हररोज दो महिलाओं के साथ दुराचार की घिनौनी वारदात होती
है।
पिछले वर्ष के आंकड़ों पर नजर डालें तो हर वर्ष 600 से
ज्यादा दुराचार के मामले सामने आते हैं। थानों में महिला सेल, फास्ट ट्रैक
कोर्ट बनाए जाने के बावजूद इन मामलों में कमी नहीं आ रही है।
स्टेट
क्राइम रिकार्ड ब्यूरो के अनुसार, वर्ष 2009 में 601, 2010 में 713, 2011
में 723, 2012 में 687 मामले दुराचार के दर्ज किए गए। वहीं, इस वर्ष पहले
चार माह में ही 246 मामले दुराचार के दर्ज किए गए।
दुराचार के आरोपियों को गिरफ्तार करो
भिवानी
राजीव कालोनी से छात्रा का अपहरण कर दुराचार करने के आरोपियों की
गिरफ्तारी के लिए पीड़िता के परिजनों के साथ विभिन्न संगठनों ने सोमवार को
जिला मुख्यालय पर धरना दिया। संगठनों ने जिला और पुलिस प्रशासन को चेतावनी
देते हुए कहा कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, उनका
अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। धरने में शामिल भवन निर्माण कामगार यूनियन
के जिला अध्यक्ष राममेहर सिंह, ईंट भट्ठा मजदूर यूनियन के अध्यक्ष कामरेड
भीम सिंह, दलबीर सिंह, मांगेराम, जयवीर सिंह, ईश्वर सिंह ने कहा कि पीड़िता
का अपहरण और दुराचार करने वाले खुलेआम घूम रहे हैं, जबकि पुलिस लाचार बनी
हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन से कई बार शिकायत की जा चुकी
है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।