हिसार सेंट्रल जेल-1 फाइल फोटो।
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हिसार। हिसार सेंट्रल जेल-1 में से लगातार मोबाइल फोन बरामद हो रहे थे। जेल प्रशासन जिला पुलिस पर आरोप लगाता था कि फोन की बाहर से बॉलिंग होती है। वहीं जिला पुलिस का कहना था कि जेल में फोन जेल के रास्ते से ही जा रहे हैं। इस बात का खुलासा शुक्रवार शाम हो ही गया। दरअसल जेल में अनुबंध आधार पर लगा एक सफाई कर्मी ही जेल में फोन सप्लाई कर रहा था। मामले के संबंध में जेल डीएसपी सत्यपाल कासनियां की शिकायत पर केस दर्ज किया गया है।
शौचालय की सीट में छिपाए थे मोबाइल
मामले में डीएसपी सत्यपाल कासनियां ने बताया कि शुक्रवार शाम करीब चार बजे ड्योंड़ी में तैनात वार्डर भूप सिंह ने खानक निवासी कैदी अमरजीत उर्फ सोनू की तलाशी ली तो उसके जूतों में से दो मोबाइल फोन, बैटरी, दो डाटा केबल एक सेलो टैप की मदद से पैक हुए बरामद हुए। पूछताछ में उसने बताया कि तीन-चार दिन पहले कैदी रिंकू, मुकेश उर्फ गस्सड़ को उसने एक जोड़ी जूते दिलवाए थे। कैदी राजस्थान के चूरू के हमरीवास निवासी रिंकू, पटौदी के भौड़ाकला निवासी मुकेश उर्फ गरसड़ की जेल में अनुबंध आधार पर नियुक्त सफाई कर्मचारी हिसार के पटेल नगर निवासी अजय के साथ थी। अजय ने एक दिसंबर की सुबह करीब आठ बजे एक पैकेट रिंकू व एक पैकेट मुकेश उर्फ गस्सड़ को दिया। दोनों पैकेट बंदियों ने ड्योंड़ी में स्थित शौचालय में छिपाकर रख दिए। कैदी अमरजीत दोनों पैकेट को तीन दिसंबर को ड्योंड़ी के शौचालय से उठाकर अपने जूतों में छिपाकर अंदर ले जाते समय पकड़ा गया।