जीजेयू (गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी) हॉस्टल में बेहतर खाने और हॉस्टल मेन्यू में बदलाव को लेकर लंबे समय से छात्रों की आवाज उठ रही थी। इसके चलते इसी साल चीफ वार्डन प्रो. एससी कुंडू ने साहसिक फैसला लेते हुए प्रत्येक हॉस्टलों के छात्रों की विशेष कमेटियां बनाई।
हॉस्टल मेन्यू को अपने आधार पर तैयार करने तथा उनकी कीमतों की रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया। तीनों ब्वॉयज हॉस्टल की कमेटियों ने अपनी रिपोर्ट पिछले दिनों सौंपी थी। जिसके बाद हॉस्टल कमेटी ने चीफ वार्डन की अध्यक्षता में कई चीजों के रेट बढ़ाए हैं। इस साल छात्र छात्राओं के लिए ब्वॉयज हॉस्टल में छात्र की डाइट 25 रुपये तथा छात्राओं की डाइट 22 रुपये कर दी गई है।
छात्रों के परामर्श व रिपोर्ट के आधार पर हॉस्टल मेन्यू में कई तरह के बदलाव इस बार देखने को मिले हैं। यहां तक प्रतिदिन की डाइट में बदलाव को तरजीह दी गई है। कई तरह के मिठाइयों के साथ सप्ताह में एक दिन छात्रों को स्पेशल खाना खिलाया जाता है। चीफ वार्डन प्रो.एससी कुंडू ने बताया कि हॉस्टल में अमीर, गरीब व मिडल क्लास सभी के बच्चे रहते है। ऐसे में सभी के अनुरूप हॉस्टल में खाने की कीमतों को रखना जरूरी है। इसी को ध्यान पर रखकर कुछ हल्के बदलाव किए गए हैं।
कुछ इस तरह हुआ हॉस्टल के मेन्यू में बदलाव
वस्तु पुरानी कीमत नई कीमत
चाय 3 रुपये 5 रुपये
दूध पत्ती 4 रुपये 7 रुपये
सिंपल पराठा 3.50 रुपये 8 रुपये
मिक्स पराठा 5 रुपये 10 रुपये
फ्रूट जूस (बड़ा गिलास) 12 रुपये 15 रुपये
समोसा, ब्रेड पकोड़ा 5 रुपये 8 रुपये
चाउमीन फुल प्लेट 12 रुपये 20 रुपये
ये चीजें मिलेगी एमआरपी रेट पर ः कोल्ड ड्रिंक, पैकिंग दूध, पैकिंग फ्रूट जूस, बिस्कुट व अन्य पैकिंग के आइटम।
मेस ठेकेदार की समस्या हल करेगी हॉस्टल कमेटी : प्रो. कुंडू
चीफ वार्डन प्रो. एससी कुंडू ने बताया छात्रों और मेस ठेकेदारों का आपसी तालमेल उस समय बिगड़ता है, जब कुछ सीजनल सब्जियों की कीमत में इजाफा होता है। 80 रुपये से 100 रुपये की कीमत की सीजनल सब्जियों की डिमांड छात्र करते हैं और मेस ठेकेदार उनकी डिमांड को पूरा नहीं कर पाता। इसी तरह की समस्याओं को हल करने के लिए छात्रों व हॉस्टल अधिकारियों की संयुक्त कमेटी बनाई गई है। जिसमें ठेकेदार व छात्र इस तरह की समस्याओं को समाधान हेतु विशेष कदम उठाएंगे। इसी कमेटी में छात्र, ठेकेदार व हॉस्टल अधिकारी मिलकर कोई हल निकालेंगे। जिसके बाद उसे पास करवाने के लिए चीफ वार्डन के पास भेजेंगे।
नहीं लगा मिला हॉस्टल मेन्यू, होगा जुर्माना
चीफ वार्डन प्रो. एससी कुंडू ने बताया कि महीने में दो से तीन बार वह स्वयं हॉस्टलों में औचक निरीक्षण करेंगे। इस दौरान यदि एक बार भी हॉस्टल मेन्यू हॉस्टल में नहीं लगा मिला तो ठेकेदार पर उसी समय जुर्माना किया जाएगा। हॉस्टल में लंच से लेकर डिनर तक की डिटेल भी लगी होनी चाहिए। हॉस्टल छात्रों के लिए है और हॉस्टल में हर चीज पारदर्शी बनाई जाएगी।
हॉस्टल फीस में भी कर चुके हैं 2100 रुपये की बढ़ोतरी
हॉस्टलों सुविधाओं के नाम पर जीजेयू में बेहतर सुविधाओं को लेकर आवाज उठती रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से निपटने की बात कही थी। अभी ज्यादा वक्त नहीं बीता था, जब गुजवि के छात्रों ने हॉस्टलों में दो से पांच हजार रुपये तक बिजली का बिल लेने का विरोध किया था।
इसी मामले में कुलपति डॉ. एमएल रंगा ने आदेश जारी कर कहा था कि किसी भी छात्र से बिजली का बिल नहीं भरवाया जाएगा, लेकिन इस बार के हॉस्टल प्रॉस्पेक्टस ने प्रथम वर्ष में एडमिशन लेने वाले छात्रों पर 2100 रुपये का अतिरिक्त बोझ डाला। इसमें कोई शक नहीं है कि यह बोझ रिफंडेबल है, मगर फिर भी सुविधाओं के नाम पर हॉस्टल फीस में इतना अधिक इजाफा पहली बार देखने को मिला है।
डिप्टी चीफ वार्डन प्रो. एससी कुंडू ने बताया था कि छात्रों को बेहतर सुविधाएं देने का प्रयास विश्वविद्यालय की ओर से किया जा रहा है। लगातार बढ़ रही महंगाई को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। बिजली के दामों में बढ़ोतरी हो रही है और रिफंडेबल सिक्योरिटी को बढ़ाया गया है, जिससे छात्र को बिजली का बिल देने में समस्या का सामना नहीं करना पडे़।