कैंप चौक से सुबह 7:00 बजे प्राइवेट बस की छत पर बैठे यात्री।
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हिसार। निजी बसों के चालक-परिचालक नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। किसी बस से सीट बेल्ट गायब तो किसी में फस्ट एड किट की सुविधा नहीं। सीमित से ज्यादा सवारियां बैठाई जा रही हैं। इतना ही नहीं, कई बार परिचालक किराये के लालच में यात्रियों और विद्यार्थियों को छत पर बैठाने से भी परहेज नहीं करते। ऐसे में जान को जोखिम में डालकर छत पर सफर करना महंगा पड़ सकता है।
अक्सर भादरा, बालसमंद से हिसार आने वाली प्राइवेट बसों में सवारियां छत पर बैठी नजर आती है। हिसार बस पहुंचने के बाद छत पर बैठीं सवारियों को रानी लक्ष्मीबाई चौक के पास उतारकर बस के अंदर बैठा लिया जाता है। छत पर बैठे यात्री बिजली के तारों से लेकर पेड़ की चपेट में आकर हादसे का शिकार हो सकते हैं। इसके अलावा निजी बसों के चालक-परिचालक यात्रियों के साथ दुर्व्यवहार भी करते हैं। बस पास होने के बावजूद बेटियों को बसों में बैठा नहीं जाता, अगर बैठ जाती हैं तो बीच रास्ते में उतार दिया जाता है। कई चालक-परिचालक के खिलाफ रोडवेज एसएस कार्यालय में शिकायत आ चुकी हैं। बावजूद आरटीए की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही।
उधर, आरटीए अधिकारियों का तर्क है जब भी हमारे पास कोई खिलाफ शिकायत आती है तो बस के चालक-परिचालक और उक्त यात्री को बुलाया जाता है। दोनों से बातचीत की जाती है। इसके बाद दोनों के बीच समझौता करवा दिया जाता है।
आरटीए सचिव को दें लिखित शिकायत
आरटीए से ट्रांसपोर्ट सब इंस्पेक्टर धर्मबीर का कहना है कि यदि किसी निजी बस के चालक-परिचालक से शिकायत है तो वह आरटीए सचिव को लिखित में शिकायत दे सकता है। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि प्राइवेट बसों के चालक-परिचालक के खिलाफ रोडवेज एसएस कार्यालय के अलावा आरटीए कार्यालय में भी शिकायत आती है।
बसों की छत पर बैठाने की अनुमति नहीं है। वीरवार को चेकिंग टीम को भेजकर जांच करवाई जाएगी। यदि किसी बस की छत पर सवारियां बैठी मिलीं तो चालक-परिचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - सविंद्र, असिस्टेंट सेक्रेटरी, आरटीए