हिसार। सिरसा रोड स्थित ओशो ध्यान उपवन में रविवार को प्रेम रस पर आधारित ध्यान सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र का उद्देश्य तनाव दूर कर लोगों को आनंदमय और खुशहाल जीवन जीने के उपाय बताना था।
स्वामी संजय ने ध्यान सत्र के दौरान कहा कि सच्चा प्रेम इंसान के भीतर उठने वाले आनंद की सहज अभिव्यक्ति है। जब इंसान परमात्मा के प्रति समर्पित हो जाता है, तो उसका आनंद असीमित हो जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रेम की पूर्णता अस्तित्व से एकाकार होने में है।
स्वामी संजय ने कहा कि आजकल लोग अधिक पाने और दूसरों से आगे बढ़ने की होड़ में तनाव और विकारों का शिकार हो गए हैं। वे केवल संसाधनों तक सीमित रहकर भटक रहे हैं। इसके बजाय, ओशो के दृष्टिकोण के अनुसार, प्रेम एक अनमोल सौंदर्य है, जो बिना किसी कारण के प्रकट होता है और हमें इसे बिना किसी उद्देश्य के बांटना चाहिए। साथ ही साधकों को महाशिवरात्रि के आयोजन की भी जानकारी दी गई और ओशो के प्रेम पर दृष्टिकोण को साझा किया गया।