हिसार। कोरोना की रफ्तार कई गुना तेजी से बढ़ रही है। जिले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी हेल्थ बुलेटिन के अनुसार बुधवार को तीसरी लहर में 24 घंटे में रिकॉर्ड 430 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली। हर घंटे में करीब 17 संक्रमित मिल रहे हैं। नए साल में पहले 430 मरीज मिलने पर 15 दिन लगे थे और अब 24 घंटे में इतने मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है।
जिले में अब 1296 एक्टिव केस हैं। रिकवरी रेट 95.67 प्रतिशत है। बता दें एक जनवरी को रिकवरी रेट 97.87 फीसदी था। सुखद बात यह रही कि सक्रिय मरीजों में से 44 मरीजों को ही अस्पताल में भर्ती होना पड़ा है। बुधवार को मिले संक्रमितों में 6 बच्चे, 20 चिकित्सक, 57 विद्यार्थी, 9 अध्यापक, 8 पुलिसकर्मी, 7 आर्मी जवान, 13 कैदी , 28 हेल्थ वर्कर, 3 नर्सिंग स्टाफ , 3 वकील, 14 बैंककर्मी, 1 साइटिस्ट, 4 प्रोफेसर, जिंदल फैक्टरी में काम करने वाले पांच मजदूर भी शामिल हैं।
अच्छी बात यह रही कि अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या तीसरी लहर में कम नजर आ रही है। 2 से 3 प्रतिशत मरीज को ही अस्पताल में भर्ती करना पड़ रहा है। मंगलवार को अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या 47 थी। बुधवार को 4 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया। बुधवार को कोविड केयर सेंटर से 5 संक्रमित कैदियों को डिस्चार्ज किया गया तो 15 नए भर्ती हुए। कोविड केयर सेंटर में बुधवार तक भर्ती मरीजों की संख्या 42 रही। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से होम आइसोलेट मरीजों के पास संदेश भेजा जा रहा है। अगर मरीज को किसी प्रकार की सुविधा की जरूरत है तो 1075 पर कॉल कर सकते हैं। जिले में 8 लाख 57 हजार 560 लोगों की जांच की जा चुकी है, जिसमें संक्रमण के कुल 56 हजार 341 मामले सामने आ चुके हैं। अब तक कुल 53 हजार 902 लोग कोरोना से रिकवर हो चुके हैं। कोविड-19 की पहली लहर में 327, दूसरी लहर में 814, तीसरी लहर में 2 संक्रमित व्यक्तियों की मौत हुई है।
अभी हमारे पास 850 होम आइसोलेट किट हैं। किट की डिमाड संक्रमण दर के अनुसार भेजी जा रही है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग के पास होम आइसोलेट किट की पूरी सुविधा है। आगे भी जरूरत के हिसाब से हम होम आइसोलेट किट की डिंमाड भेज दी जाएगी। इस लहर में मरीजों में लक्षणों की बात करें तो काफी हलके लक्षण मिल रहे हैं। - डॉ. अनिल पंवार, नोडल इंचार्ज होम आइसोलेशन
तीसरी लहर में ज्यादा मरीज होम आइसोलेट हैं। मरीजों में हल्के लक्षण मिल रहे हैं, तो इन्हें इग्नोर ना करें। अगर सर्दी-जुकाम जैसे हल्के लक्षण दिखें तो सैंपलिंग अवश्य करवा लें, ताकि संक्रमण को आगे फैलने से रोका जा सके। - डॉ. सुभाष खतरेजा, डिप्टी सीएमओ