हिसार। नगर निगम प्रशासन ने प्रॉपर्टी टैक्स वसूली के लिए सख्ती का फैसला लिया है। इसके तहत इस काम के लिए सचिव संजय शर्मा की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय रिकवरी सेल का गठन किया है। यह टीम बकायेदारों को नोटिस थमाने से लेकर उनसे टैक्स वसूली तक का काम करेगी।
नगर निगम की तरफ से अब तक 400 बकायेदारों को नोटिस दिए जा चुके हैं। वहीं, मौजूदा वित्त वर्ष के चार माह में 24,625 प्रॉपर्टी मालिक टैक्स जमा करवा चुके हैं। निगम प्रशासन ने चालू वित्त वर्ष में 25 करोड़ रुपये प्रॉपर्टी टैक्स का लक्ष्य निर्धारित किया है। निगम के गठन को करीब 15 साल हो चुके हैं, लेकिन आज तक एक बार भी लक्ष्य से ज्यादा प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली नहीं कर सका है। हालांकि इस बार संभावना है कि लक्ष्य हासिल हो सकता है। वित्त वर्ष के शुरुआती 4 माह में ही लक्ष्य का आधे से ज्यादा प्रॉपर्टी टैक्स जमा हो चुका है।
2 लाख रुपये से ज्यादा के बकायेदारों को दिए नोटिस
निगम की तरफ से अब तक 2 लाख रुपये से ज्यादा के बकायेदारों को नोटिस दिए गए हैं। इनमें होटल, पेट्रोल पंप सहित अन्य व्यावसायिक संस्थान शामिल हैं। ऐसे करीब 400 प्रॉपर्टी मालिकों को नोटिस दिए गए हैं।
पहले थे प्लॉट, अब बन चुकी हैं बहुमंजिला इमारत
निगम प्रशासन की उन प्रॉपर्टी पर विशेष नजर है, जो निगम के रिकॉर्ड में प्लॉट है, लेकिन आज उन पर बहुमंजिला भवन का निर्माण हो चुका है और प्रॉपर्टी मालिक प्लॉट का ही टैक्स जमा करवा रहे हैं। ऐसे लोगों से भी बकाया टैक्स वसूलने की तैयारी की जा रही है।
16 प्रतिशत प्रॉपर्टी मालिकों ने टैक्स जमा करवाने में दिखाई रुचि
निगम में 1 लाख 55 हजार 542 प्रॉपर्टी हैं। इनमें से 24 हजार 625 प्रॉपर्टी मालिकों ने टैक्स जमा करवाया है, जो कुल प्रॉपर्टी का सिर्फ 16 प्रतिशत ही है। चालू वित्त वर्ष के चार महीनों में 14 करोड़ 46 लाख 95 हजार प्रॉपर्टी टैक्स जमा हुआ है।
अभी तक हुई आय
प्राॅपर्टी टैक्स 14 करोड़ 46 लाख 95 हजार रुपये
फायर टैक्स- 80 लाख रुपये
विकास शुल्क-2 करोड़ 12 लाख रुपये
सॉलिड वेस्ट चार्ज-88 लाख 81 हजार रुपये
-
निगम एरिया में प्रॉपर्टी का विवरण
रिहायशी-80277
व्यावसायिक-15180
औद्योगिक-965
संस्थान-1106
प्लॉट-40481
स्पेशल कैटेगरी-1675
मिक्स यूज-10891
एग्रीकल्चर-4967
कुल प्रॉपर्टी-155542
बकाया प्रॉपर्टी टैक्स वसूली के लिए रिकवरी सेल बनाई है। यह सेल बकायेदारों को नोटिस दे रही है, जो बकायेदार नोटिस देने के बाद भी प्रॉपर्टी टैक्स जमा नहीं करवा रहे हैं तो उनकी प्रॉपर्टी को सील भी किया जा रहा है।
- विरेंद्र सहारण, अतिरिक्त निगमायुक्त