पश्चिमी हलचलों की वजह से बीते वर्षों की तरह इस बार नौतपा का असर हरियाणा में नहीं दिखाई देगा। हाल में दो बार आए पश्चिमी विक्षोभ ने भीषण गर्मी से राहत दिलाई है। बुधवार को भी प्रदेश के उत्तरी जिलों में कहीं-कहीं बारिश की संभावना है। चार दिन बाद एक और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के आसार हैं, हालांकि अभी इसे कमजोर श्रेणी का माना जा रहा है। फिर भी इसके असर से बुधवार से शुरू हो रहे नौतपा के दौरान तपिश का तेवर नरम रहेगा।
नारनौल स्थित राजकीय महाविद्यालय के एसोसिएट प्रो. एवं मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार पिछले चार दिनों में लगातार आए दो पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली में पड़ रही भीषण गर्मी और लू से लोगों को बड़ी राहत मिली है। इससे मैदानी राज्यों में पारा अब सामान्य से काफी नीचे चल रहा है।
सोमवार सुबह से मंगलवार सुबह 8.30 बजे तक प्रदेश में सबसे अधिक 30.6 एमएम बारिश हिसार में हुई है। हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली के अधिकतर स्थानों पर तापमान 10 से 17 डिग्री सेल्सियस तापमान में गिरावट दर्ज हुई है। मंगलवार को हरियाणा व एनसीआर में अधिकतर स्थानों पर अधिकतम तापमान 29 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया है। बुधवार को पश्चिमी विक्षोभ मैदानी क्षेत्रों से गुजर जाएगा। हालांकि इसके प्रभाव से उत्तरी जिलों में कहीं-कहीं दोपहर बाद हल्की बारिश हो सकती है। इसके बाद गुरुवार से तापमान में बढ़ोतरी होगी।
गुरुग्राम की रात सबसे ठंडी
मंगलवार को गुरुग्राम की रात ठंडी रही, जहां न्यूनतम तापमान 17 डिग्री रहा। इसके अलावा हिसार में 17.6, भिवानी में 17.7, चरखी दादरी में 17.7, फतेहाबाद में 18.3, कैथल में 18.5, रोहतक में 18.8, करनाल में 18.8 व रेवाड़ी में 18.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
आज से शुरू होगा नौतपा
डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार नौतपा 25 मई से 3 जून तक रहता है। 25 मई से सूर्य रोहिणी नक्षत्र में गोचर करेगा, तब नौतपा शुरू हो जाएगा। नौतपा साल के वह 9 दिन होते है जब सूर्य पृथ्वी के सबसे नजदीक रहता है, जिस कारण से इन 9 दिनों में भीषण और प्रचंड गर्मी पड़ती है।
नौतपा के ठंडे होने की ये है वजह
मौसम वैज्ञानिक के अनुसार इस बार नौतपा में तापमान में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं होगी। चूंकि इस बार तापमान पहले ही काफी ऊपर तक जा चुका है। उसका कारण यह रहा कि इस बार मार्च व अप्रैल में कम संख्या में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुए, जिससे वातावरण में नमी की मात्रा काफी कम रही। साथ ही मरुस्थली हवाओं ने भी तापमान बढ़ोतरी में अहम भूमिका निभाई। मौसम वैज्ञानिक के अनुसार चूंकि अब थोड़े-थोड़े अंतराल पर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहे हैं। इस कारण से भी तापमान ज्यादा ऊपर नहीं जाएगा।
सोमवार सुबह से मंगलवार सुबह 8.30 बजे तक बारिश के आंकड़े (एमएम में)
- अंबाला 10.1
- हिसार 30.6
- करनाल 16.4
- रोहतक 18.8
- गुरुग्राम 23.5
- भिवानी 28.6
- सिरसा 19.0
- फतेहाबाद 18.0
- झज्जर 24.5
- कुरुक्षेत्र 17.0
- महेंद्रगढ़ 14.0