नारनौंद (हिसार)। ग्रामीण आंचल के छात्रों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं होती। बस उनको मौका मिलने की जरूरत होती है। आज देश में काफी उच्च पदों पर अधिकारी विराजमान है, जो ग्रामीण आंचल से ही संबंध रखते हैं। यह बात सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने अपने पैतृक गांव पेटवाड़ के सरकारी स्कूल में विद्यार्थियों को सम्मानित करने के उपरांत लोगों को संबोधित करते हुए कही।
न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि उनको आज भी वह दिन याद है, जब वे गांव के इसी सरकारी स्कूल में बैठकर पढ़ाई करते थे। उस दौरान यह कभी नहीं सोचा था कि वह इतने ऊंचे पद तक पहुंचेंगे, लेकिन जैसे-जैसे शिक्षा को आगे बढ़ाया तो लक्ष्य निर्धारित किया और उसके बाद मंजिल को पा लिया। उन्होंने अपने पिता मदन गोपाल शास्त्री व अपनी माता शशि देवी के नाम पर प्रतिभावान विद्यार्थियों को सम्मानित करने के लिए एक संस्था बनाई हुई है। जिसके तहत वह प्रत्येक वर्ष विद्यार्थियों को सम्मानित करते हैं। इसी कड़ी में उन्होंने विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इस मौके पर मास्टर ऋषिकांत, डॉ. शिवकांत, कमला देवी, देवकांत, एडिशनल सेशन जज जसवीर कुंडू, एसडीम विकास यादव, डॉ. कृष्ण यादव, स्कूल के प्राचार्य सुनील कुमार, वीरेंद्र पेटवाड़, सरपंच राजेंद्र सिंह, लोकेश कुमार आदि मौजूद रहे।
इन्हें किया सम्मानित
दीक्षा, दिव्या, मुस्कान, पूनम, संगीता, स्वीटी, खुशी, मेहुल, करण, पंकज, कुणाल, अरुण, सन्नी, राहुल, नसीब, भारत प्रकाश, अन्नू, श्वेता, भतेरी, अन्नू ,अंकुश, प्रीति, कुसुम, सपना को सम्मानित किया गया।