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मिठाइयों के सैंपल की रिपोर्ट आएगी लेट

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हिसार। खाद्य सुरक्षा विभाग की तरफ से समय-समय पर गाइड लाइन देने के बावजूद भी अधिकतर मिठाई वाले दुकानों के संचालक गंभीरता से पालन नहीं कर रहे हैं। कोई भी दुकानदार मिठाई के डिब्बों पर यह तारीख नहीं लिख रहे है कि उसे कितने दिन तक इस्तेमाल किया जा सकता है। जहां त्योहारी सीजन में मिठाइयों में मिलावट का धंधा जोरों पर है, वहीं विभाग भी सैंपलिंग करवा रहा है। लेकिन समस्या है कि इन सैंपल की रिपोर्ट काफी लंबे समय तक नहीं आती। रिपोर्ट आने तक वे मिठाइयां बिक चुकी होती है। इस बार भी खाद्य सुरक्षा विभाग ने मॉडल टाउन व पीएलए स्थित मिठाई बेचने वालों की दुकानों से पेड़ा, बर्फी, रसगुल्ला, बेसन के लड्डू, गुलाब जामुन जैसी मिठाइयों के सैंपल तो लिए है लेकिन इनकी रिपोर्ट 20 से 25 दिनों में आएगी।
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सितंबर के कई सैंपल रहे फेल
विभाग के द्वारा भगत सिंह मार्केट में स्थित एक दुकान में जीरा पाउडर के सैंपल की रिपोर्ट फेल रही। इसके अलावा पनीर के सैंपल, देशी घी, तेल व शकरपारा के सैंपल की रिपोर्ट फेल रही। अगर किसी भी दुकानदार के किसी भी सामान की रिपोर्ट फेल आती है तो उस पर कार्यवाही की जाती है। उस समय तो वह दुकानदार सामान नहीं बेच सकता। इसके बाद उस पर कोर्ट केस किया जाता है और जुर्माना लगाया जाता है।
यह है मिसब्रांड, सब स्टैंडर्ड और अनसेफ
किसी खाद्य पदार्थ का लेबल अनियमित पाया जाए तो वह मिस ब्राड की कैटेगरी में आता है। जिस खाद्य पदार्थ में मिलवाट हो, उसके मानक कम पाएं जाएं तो वह सब स्टैंडर्ड की कैटेगरी में आता है। इसके अलावा जो खाद्य पदार्थ जान के लिए हानिकारक हो उसे अनसेफ कहा जाता है।
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