हांसी। जिले में अब प्रत्येक किसान के लिए किसान पहचान पत्र (फार्मर आईडी) बनाने का काम शुरू हो गया है। अब तक हांसी तहसील में 458, बास तहसील में 370, नारनौंद तहसील में 190 और खेड़ी जालब तहसील में 184 किसानों की आईडी बन चुकी है। इसके लिए एग्री स्टैक पोर्टल पर पंजीकरण की सुविधा शुरू कर दी गई है।
किसान आईडी आधार कार्ड, भूमि के कागजात या फसल विवरण के आधार पर बनाई जाएगी। इसके साथ ही रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजा जाएगा। कृषि विभाग के अनुसार इस आईडी के माध्यम से किसानों को कई योजनाओं का लाभ मिलेगा, जैसे कि फसल की बिक्री, फसल भावांतर, प्राकृतिक आपदा में मुआवजा, दो हजार रुपये की सम्मान निधि, और अन्य सरकारी योजनाएं। बिना किसान आईडी के भविष्य में सरकारी लाभ प्राप्त करने में कठिनाई हो सकती है।
किसान सम्मान निधि, बीमा क्लेम, फसल मुआवजा, पराली योजना, सीधी बिजाई धान, मेरा पानी-मेरी विरासत, सोलर पैनल, मशीन सब्सिडी, प्राकृतिक खेती, बागवानी योजना, ट्रैक्टर सब्सिडी, मधुपालन, केसीसी कार्ड, डीएपी और यूरिया खाद, पशुधन आदि योजनाओं के लिए किसान आईडी बनवाना अनिवार्य किया गया है।
एसडीएम राजेश खोथ ने बताया कि किसान पहचान पत्र के माध्यम से किसानों को सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा और पारदर्शी लाभ मिलेगा। यह पहचान पत्र आधार कार्ड से लिंक किया जा रहा है, ताकि किसानों की पहचान प्रमाणिक हो और डुप्लीकेसी की संभावना समाप्त हो सके। किसान पहचान पत्र लागू होने से प्रदेश की अनाज मंडियों में दूसरे राज्यों के किसान अपनी फसल नहीं बेच सकेंगे। इससे स्थानीय किसानों के हित सुरक्षित होंगे और मंडी व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी। किसानों से अपील की है कि वे किसान पहचान पत्र बनवाने के लिए आगे आएं।