हिसार। बिना परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) के अब किसी भी विद्यार्थी का सरकारी स्कूलों में दाखिला नहीं होगा। शिक्षा विभाग की ओर से दाखिले के लिए फैमिली आईडी की अनिवार्यता के आदेश का हरियाणा प्राइमरी शिक्षक संघ ने विरोध जताया। प्राइमरी शिक्षक संघ का कहना है कि फैमिली आईडी अनिवार्य करने से पढ़ने की चाहत रखने वाले प्रवासी मजदूरों के बच्चे शिक्षा से वंचित रह जाएंगे।
संघ के जिला प्रधान जयभगवान बडाला ने कहा कि हरियाणा प्रदेश में रहने वाले लगभग प्रवासी मजदूरों की फैमिली आईडी नहीं बनी है। जबकि शिक्षा का अधिकार कानून साफ कहता है कि किसी भी बच्चे को दस्तावेज के आधार पर पढ़ने से नहीं रोका जा सकता। इस मामले को लेकर सांसद, जिले के सभी विधायकों व मंत्रियों को ज्ञापन सौंपा जाएगा। अगर जल्द से जल्द हमारी मांग पूरी नहीं हुई तो 18 मई को चंडीगढ़ स्थित सीएम आवास का घेराव किया जाएगा।
प्राइमरी शिक्षक अनिल कुमारी, कविता, आशा, रेखा, मीनाक्षी, पूनम, ममता, शीला, सुदेश, संतोष, गंगा, राज सिंह मलिक, मनजीत सिंह, अनिल कुंडू, कुलदीप बालक, शोभा चंद्र पंघाल, प्रमोद ,फूल कुमार, बलजीत, भूपेंद्र, राजकुमार मुकलान, सतीश शर्मा सुनील बास ने बताया कि सरकारी स्कूलों में दाखिला लेने के लिए फैमिली आईडी अनिवार्य करना बच्चों के लिए मुसीबत खड़ी करेगा। शिक्षकों ने कहा कि मॉडल संस्कृति स्कूलों के नाम पर अभिभावकों से फीस वसूलने के आदेश जारी कर दिए हैं। वहीं दूसरी तरफ विभाग अपनी तरफ से फीस देकर सरकारी स्कूलों के बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिला करवाने के लिए काम कर रहा है। विभाग का यह कदम कहीं न कहीं निजीकरण को ही बढ़ावा दे रहा है।
सरकार व शिक्षा विभाग की आईटी सेल पीपीपी की शर्त लगाकर अपनी मनमानी कर रही है। आईटी सेल आरटीई एक्ट का सरेआम उल्लंघन कर रही है। फैमिली आईडी की अनिवार्यता से हजारों बच्चे स्कूल जाने से वंचित रह जाएंगे। - राजकुमार सैनी, हिसार खंड प्रधान, प्राइमरी शिक्षक संघ
सरकारी स्कूलों में दाखिला लेने के लिए फैमिली आईडी अनिवार्य करने से हमारे स्थानीय व प्रवासी मजदूरों के बच्चे दाखिला लेने से वंचित रह जाएंगे। क्योंकि ज्यादातर प्रवासी मजदूरों की फैमिली आईडी नहीं बनी हुई है। इस आदेश का विरोध करते हुए आंदोलन किया जाएगा व मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपेंगे। - जयभगवान बडाला, जिला प्रधान, प्राइमरी शिक्षक संघ