हिसार। मुख्यमंत्री की घोषणा के करीब आठ साल बाद आखिरकार स्थानीय बस स्टैंड के पीछे की दीवार तोड़ने की तैयार शुरू हो चुकी है। मंगलवार को रोडवेज व पीडब्ल्यूडी बीएंडआर के अधिकारियों ने रोडवेज महाप्रबंधक के साथ मंथन किया। पीडब्ल्यूडी बीएंडआर के अधिकारियों ने घोड़ा फार्म तक निरीक्षण किया। इसमें बसों को निकालने में आने वाली बाधाओं को परखा गया। बैठक में तय किया गया कि पिछली दीवार तोड़कर गेट लगाया जाएगा। इससे बसों को निकालकर प्रैक्टिकल तौर पर आने वाली समस्याओं को देखेंगे। इसके बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा।
बैठक में रोडवेज महाप्रबंधक के अलावा एसपीओ सुखदेव सिंह, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर से एक्सईएन रजनीश कुमार, एसडीओ मेवा सिंह व जेई सुखदर्शन मौजूद रहे। बैठक में फैसला लिया गया कि वर्कशॉप की पक्की सड़क पहले से ही बनी हुई है, ऐसे में फिलहाल नई सड़क बनाने की जरूरत नहीं है। दीवार तोड़कर उसी सड़क से बसें पीछे की तरफ बनाए जा रहे नए गेट से निकाली जाएंगी। इसके लिए पीडब्ल्यूडी बीएंडआर के अधिकारियों ने वर्कशॉप का नक्शा मंगवाया है।
उधर, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर के एक्सईएन रजनीश कुमार का कहना है कि रोडवेज महाप्रबंधक को बोला गया है कि एक बार प्रैक्टिकल कर बसें निकालकर देखें। इसके लिए गेट बनाना पड़ेगा। नक्शे में प्लानिंग करके दिखाएंगे। यदि कामयाबी होता है तो इसे लागू किया जाएगा। रोडवेज कर्मचारी यूनियन के प्रधान दलबीर किरमारा व अन्य लोगों ने बसों को पिछले गेट से निकालने पर रोडवेज को होने वाले नुकसान से अवगत कराया। दलबीर किरमारा ने कहा कि पिछले गेट से बसें निकाली तो किराया में बढ़ोतरी होगी।
रोडवेज कार्यशाला का मंगवाया नक्शा
पीडब्ल्यूडी बीएंडआर के अधिकारियों ने रोडवेज महाप्रबंधक राहुल मित्तल से कार्यशाला का नक्शा मांगा है। नक्शे में मार्क कर बताया जाएगा कि यहां से बसें जाएगी। दीवार को तोड़ने के बाद गेट बनाया जाएगा ौर पिल्लर लगाए जाएंगे, ताकि रात के समय में सुरक्षा को देखते हुए गेट को बंद किया जा सके। यदि वर्कशॉप के अंदर कुछ अलग करना है तो उसकी प्लानिंग बाद में कर उसी के अनुसार एस्टीमेट बनाया जाएगा। फिलहाल दीवार को तोड़कर बसें निकालना पर फोकस है।
अभी पैसे की नहीं जरूरत
वर्ष 2017 में रोडवेज की ओर से पीडब्ल्यूडी बीएंडआर को 3 करोड़ 58 लाख रुपये जमा करवाया गया था। अभी पैसा पीडब्ल्यूडी बीएंडआर के पास जमा है। ऐसे में फिलहाल दीवार तोड़कर बसें पास करके देखी जाएगी। वर्कशॉप की सड़क पहले से ही बनी हुई है। पीडब्ल्यूडी बीएंडआर के एक्सईएन रजनीश कुमार का कहना है कि अभी हमे पैसे की कोई जरूरत नहीं है।
पीडब्ल्यूडी बीएंडआर से रास्ता खोलने के लिए प्रपोजल मांगा गया है। उसके बाद आगामी प्रक्रिया शुरू होगी। जल्द ही दीवार तोड़ने का काम शुरू होगा। - राहुल मित्तल, महाप्रबंधक, हिसार डिपो
मैंने घोड़ा फार्म तक निरीक्षण किया था। अभी वर्कशॉप की सड़क बनाने की कोई जरूरत नहीं है। फिलहाल दीवार को तोड़कर ही बसें निकाली जाएगी। - रजनीश कुमार, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर
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एक फरवरी को परिवहन मंत्री और स्थानीय निकाय मंत्री ने ली थी बैठक
उल्लेखनीय है कि बस स्टैंड शिफ्ट करने और दीवार तोड़ने के मामले को लेकर एक फरवरी को चंडीगढ़ में परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा व स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने रोडवेज अधिकारियों की बैठक ली थी। बैठक में हिसार से महाप्रबंधक राहुल मित्तल पहुंचे थे। आखिरकार अब मुख्यालय की ओर से दीवार तोड़ने के लिए लगी मुहर के बाद यहां के स्थानीय अधिकारियों ने भी तैयारी शुरू कर दी है। सीएम मनोहरलाल ने 29 दिसंबर 2014 को हिसार के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में बस अड्डे के वैकल्पिक रास्ते का एलान किया था। वर्ष 2015 में बस अड्डे के पिछले हिस्से से साउथ बाईपास तक सड़क बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया। अप्रैल 2016 में इसका काम शुरू हुआ। वर्ष 2017 में 2.6 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण पूरा किया गया। सड़क पूरी होने के बाद भी बसों को साउथ बाईपास पर पहुंचाने के लिए रोडवेज की दीवार को तोड़कर अंदर रास्ता नहीं बनाया गया।