हिसार। नगर निगम कार्यालय के प्रवेश द्वार को शुक्रवार सुबह 9 बजकर 5 मिनट पर बंद कर दिया गया। इस कारण से देरी आने वाले 34 कर्मचारियों को करीब 15 मिनट तक बाहर ही खड़ा रहना पड़ा। वहीं, इन सभी कर्मचारियों का जुर्माने के तौर पर आधे दिन का अवकाश लगा दिया गया।
बता दें कि शहरी स्थानीय निकाय मंत्री कमल गुप्ता पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के अलग-अलग नगर निगमों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं। उन्होंने कर्मचारियों व अधिकारियों को समय पर आने के सख्त निर्देश दिए हुए हैं। इसी को लेकर उप निगम आयुक्त ने वीरवार शाम 5 बजे से पहले कार्यालय का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान तीन कर्मचारी गैर हाजिर मिले थे, जिनमें एक पटवारी व दो टाइपिस्ट शामिल थे। इस पर इन कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया था।
लेट आने वालों में जेई व एमई भी शामिल
शुक्रवार सुबह 9 बजकर 5 मिनट पर संयुक्त आयुक्त बेलिना, उपनिगम आयुक्त प्रदीप हुड्डा व अपूर्व चौधरी कार्यालय के मुख्य गेट पर पहुंचे और गेट को बंद करने के आदेश दिए। मुख्य गेट के अलावा पीछे के एक अन्य गेट को भी बंद करवा दिया गया। इसके बाद लेट आने वाले कर्मचारी गेट बंद देखकर हैरान हो गए। पूछताछ की तो पता चला कि अधिकारियों ने इस गेट को बंद करवाया गया। अधिकारियों ने 9 बजकर 20 मिनट पर गेट को खुलवाया, तब तक 34 कर्मचारी गेट के बाहर एकत्रित हो गए थे। गेट खुलने के बाद ये कर्मचारी कार्यालय में अपनी-अपनी सीटों पर जाकर बैठे। लेट आने वाले 34 कर्मचारियों में बेलदार, माली, टाइपिस्ट, लिपिक, सहायक, अनुभाग अधिकारी, जेई व एमई शामिल हैं।
लेट आने वाले सभी कर्मचारियों पर जुर्माने के तौर पर आधा दिन का अवकाश लगाया है। साथ ही उन्हें भविष्य में समय पर कार्यालय में आने को कहा है। - प्रदीप हुड्डा, उपनिगम आयुक्त