हिसार। रजिस्ट्री कराने के लिए अब खरीदने-बेचने वाले दोनों पक्षों को अपने ई-आधार कार्ड लगाने अनिवार्य होंगे। यह आधार कार्ड रजिस्ट्री वाले दिन ही डाउनलोड करना होगा। नया नियम लागू होने के बाद तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री कराने आए लोगों को आधार कार्ड की साइट बंद रहने से घंटों इंतजार के बाद बैरंग लौटना पड़ा। अधिकारियों ने कहा कि फर्जी आधार कार्ड से रजिस्ट्री कराने का मामला सामने आने पर व्यवस्था में बदलावा किया गया है।
तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री के लिए आपको उसी दिन अपना आधार कार्ड डाउनलोड करना होगा। उसकी प्रति अपनी रजिस्ट्री के साथ लगानी होगी। ऐसा करने के बाद ही रजिस्ट्री होगी। यह नियम तीन दिन पहले ही लागू किया गया है। तहसील कार्यालय में आने वाले लोगों को इस बारे में जानकारी नहीं है। इस कारण लोगों को तहसील कार्यालय में आने के बाद अपनी अप्वाइंटमेंट को दोबारा से तय कराना पड़ रहा है। ई-आधार की प्रति लेने के लिए उन्हें किसी साइबर कैफे पहुंचना पड़ता है। शुक्रवार को आधार कार्ड की साइट नहीं चल रही थी। इस कारण रजिस्ट्री कार्यालय में सुबह तीन घंटे काम प्रभावित रहा। इसके बाद दोपहर 12 बजे बाद वैकल्पिक रास्ता अपनाते हुए रजिस्ट्री का काम शुरू कराया गया।
अधिकारियों ने कहा कि पिछले दिनों फर्जी आधार कार्ड से रजिस्ट्री का मामला आया था। ऐसे मामलों से बचने के लिए यह नियम लागू किया गया है ताकि गड़बड़ी न हो सके। बता दें कि करीब दो महीने पहले एक व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति के आधार कार्ड पर अपनी फोटो लगाकर उसकी जमीन की रजिस्ट्री कराने पहुंच गया था।जो एक मृत व्यक्ति की शहरी एरिया के साथ लगती 6 कनाल जमीन को फ्रॉड तरीके से बेचने का प्रयास कर रहा था। तहसील कार्यालय के कर्मियों ने ऐन वक्त पर उसे पकड़ कर पुलिस के हवाले किया था।
आधार कार्ड की साइट न चलने के कारण आज काफी दिक्कतें आई। कई बार आधार कार्ड की साइट न चलने पर लोगों को दिक्कत आ रही है। अगर यह नई व्यवस्था लागू करनी है तो तहसील कार्यालय की ओर से कंप्यूटर क्लर्क की नियुक्ति करनी चाहिए। जो मौके पर ई आधार कार्ड निकाले या आधार कार्ड को जांच कर उसे सत्यापित करे।
- प्रवीण जैन, प्रधान, आरडब्ल्यूए सेक्टर 9-11 हिसार
आधार कार्ड की साइड रोजाना डाउन रहती है। पहले ही से ही रजिस्ट्री का काम ठप रहता है। नई व्यवस्था से दिक्कतें बढे़ंगी। गरीब, अनपढ़ आदमी कहां से लाएंगे। उन्हें मजबूरी में 100 से 200 रुपये अतिरिक्त देने पड़ेंगे, चक्कर लगाने पड़ेंगे अलग से। - जय सिंह प्रजापति, प्रधान, दी प्रॉपर्टी एसोसिएशन, हिसार
तहसील में सुबह से आए हुए हैं। दोपहर एक बजे का समय हो चुका अब तक हमारी बारी नहीं आई। यहां कभी सर्वर डाउन रहा तो कभी आधार कार्ड के नाम पर अटकाया जाता है। आधार कार्ड के कारण सुबह से बैठे हैं।
- रंगलाल, गांव लांधड़ी
सुबह 9 बजे से आया हुआ हूं, चार घंटे से साइट नहीं चल रही। अब आधार कार्ड की नई प्रति के नाम पर दो बार चक्कर लगा चुके। अधिकारियों को कोई नई व्यवस्था लागू करने से पहले उसकी जानकारी देनी चाहिए।
- रामकरण, गांव कालवास
पिछले दिनों एक फर्जी आधार कार्ड से रजिस्ट्री कराने का मामला सामने आया था। जिसे हमने पुलिस को सौंपा था। इसके बाद ई-आधार लागू किया गया है। इस नियम के बाद पारदर्शिता और बढ़ेगी। - हरकेश गुप्ता, तहसीलदार, हिसार