भूना। गांव बुवान के पंचायत घर में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा लगाने को लेकर उपजा विवाद दूसरे दिन भी जारी रहा। बुधवार दोपहर तक जब प्रशासन के अधिकारी विवाद नहीं निपटा पाए तो ग्रामीणों ने टोहाना से भूना रोड पर जाम लगा दिया। करीब पांच घंटे तक जाम लगा रहा।
दरअसल, मंगलवार को गांव में गए प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा बुधवार की दोपहर तक विवाद समाप्त करने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन दोपहर तक कोई भी अधिकारी नहीं पहुंचा तो ग्रामीण गुस्सा हो गए और रोड जाम कर दी। इस कारण सड़क के दोनों दिशाओं में वाहनों की लंबी लाइन लग गई है। उधर बीडीपीओ कार्यालय भूना में प्रतिमा लगाने वाले पक्ष के लोगों को मनाने के लिए अधिकारी दिनभर प्रयास करते रहे। बैठक में डीआरओ प्रदीप चहल,बीडीपीओ विनय प्रताप सिंह, डीएसपी अजायब सिंह, नायब तहसीलदार विकास कुमार, समाज शिक्षा एवं पंचायत अधिकारी नरेंद्र सिंह कुंडू व थानाध्यक्ष कपिल सिहाग मौजूद रहे। देर शाम तक पहले अवैध तरीके से पंचायत घर में लगाई गई प्रतिमा को हटाने और बिजली घर के नजदीक डॉ. भीमराव का स्मारक बनाने पर सहमति बन गई थी। मगर बाद में एक पक्ष ने फैसला मानने से इंकार कर दिया। दोनों ही पक्ष मामले को नाक का सवाल बनाए हुए थे और झुकने को तैयार नहीं हुए।
ग्रामीणों ने प्रतिमा स्थापित करने वाले लोगों के खिलाफ प्रशासनिक स्तर पर पक्ष रखने के लिए एक कमेटी का भी गठन किया, जिसमें निवर्तमान सरपंच हीरालाल, बलदेव बिश्नोई, सुरजीत सिंह ढाका, दलबीर सिंह यादव, धर्मपाल शर्मा, पवन बिश्नोई, राजन भाटिया, संदीप यादव, सोनूू शर्मा, जोगिंदर सिंह पूर्व सरपंच, सुरेंद्र कुमार व संदीप नागल को शामिल किया गया है। वहीं, प्रतिमा लगाने वाले लोगों ने भी कमेटी बनाई, जिसमें कर्मवीर रंगा बोस्ती, करतार सिंह बुवान, ईश्वर सिंह,इंद्र रंगा, सतीश कुमार, बलदेव सिंह व बलविंदर सिंह शामिल रहे।
यह था पूरा मामला
बता दें कि गांव बुवान के पंचायत घर में 15 अगस्त को कुछ लोगों द्वारा रातोंरात निर्माण करके डॉ. भीमराव आम्बेडकर की प्रतिमा स्थापित कर दी गई थी। इस पूरे मामले में प्रशासन से कोई अनुमति नही ली गई। इससे ग्रामीणों में विरोध हो गया। मामला गंभीर होने के कारण प्रशासनिक अधिकारी दोनों ही पक्षों को समझाने मंगलवार को गांव में पहुंचे। फिर बुधवार को दोबारा आकर मामला निपटाने का आश्वासन दिया। बुधवार को विशेष समुदाय के लोगों के साथ प्रशासनिक अधिकारियों ने लगातार चार घंटों तक लंबी बातचीत करके विवादास्पद स्थिति को काबू में करने की कोशिश की। मगर बात सिरे नहीं चढ़ी।
गांव बुवान में उपजे विवाद को लेकर दोनों ही पक्षों के लोगों की अलग-अलग बैठकें ली गई। एक बार बात सिरे चढ़ भी गई। मगर फिर से कुछ लोगों ने सहमति नहीं मानी।अब दोबारा उच्चाधिकारियों से चर्चा की जाएगी।
- प्रमोद चहल, डीआरओ, फतेहाबाद