हांसी भाटला के सामाजिक बहिष्कार प्रकरण से संबंधित शिकायतें, याचिकाएं, सबुत व अन्य दस्तावेज लेकर
हांसी। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर गठित चार सदस्यीय टीम ने भाटला में शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन वर्ष 2017 के सामाजिक बहिष्कार प्रकरण में शिकायतकर्ताओं व पुलिस अधिकारियों से पूछताछ की। वहीं, वर्तमान में गांव के माहौल के बारे में भी पूछा। इस पर शिकायतकर्ताओं ने बताया कि गांव में सामाजिक बहिष्कार खुले में तो नहीं है, लेकिन पहले जैसा भाईचारा भी नहीं है।
बता दें कि भाटला में 017 में हुए सामाजिक बहिष्कार प्रकरण फिर से जांच शुरू की गई है। जांच सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद की जा रही है। इसके लिए उत्तर प्रदेश के सेवानिवृत्त डीजीपी कमलेंद्र प्रसाद व वीसी गोयल के साथ दो सेवानिवृत्त डीएसपी बुधवार शाम से ही गांव में डेरा डाले हुए हैं। शुक्रवार को टीम ने शिकायतकर्ताओं को लोकनिर्माण विभाग के स्थानीय विश्राम गृह में बुलाया और एक-एक पूछताछ की। इससे पहले वीरवार को भी शिकायतकर्ताओं से चार घंटे तक पूछताछ की गई थी। टीम ने सदर थाना प्रभारी, भाटला चौकी इंचार्ज से भी पूछताछ कर गांव की हकीकत जानी।
शिकायतकर्ताओं ने दिए दस्तावेज
शिकायतकर्ताओं ने टीम को गांव में सामाजिक बहिष्कार की मुनादी कराने संबंधी वीडियो दी। वहीं, बहिष्कार से जुड़ी कई अन्य शिकायतों की कॉपी उपलब्ध करवाई, जिन्हें पुलिस ने जांच के दौरान रद्द कर दिया था। शिकायतकर्ताओं ने गांव के माहौल के बारे में बताया कि अभी पहले जैसा भाईचारा नहीं है। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि इस मामले में जांच के लिए टीम जून में फिर से आएगी। इसके बाद रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में पेश की जाएगी। 15 दिन के लिए नोडल ऑफिसर को विश्राम गृह में बैठाया जाएगा। इस दौरान कोई भी व्यक्ति सामाजिक बहिष्कार से जुड़ी शिकायत दर्ज करवाना चाहे तो करवा सकता है। वहीं, सर्वोच्च न्यायालय में याचिकाकर्ता जयभगवान ने बताया कि सीबीआई से जांच करवाने की मांग की थी। इस मामले की जांच करने के बाद टीम शनिवार को रवाना होगी।
भाटला प्रकरण में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर टीम स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है। टीम को जो भी जानकारी चाहिए, हम मुहैया करवा रहे हैं।
- रविंद्र श्योराण, डीएसपी, हांसी।