हिसार। नागोरी गेट स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर मामले में नया मोड़ आ गया है। मंदिर की जमीन खरीद वाले व्यक्ति ने ट्रस्ट को जमीन लौटा दी है। कागजों में भी अब दोबारा से ट्रस्ट मंदिर के जमीन की मालिक बन गई है। हिंदू जागरण मंच का कहना है कि फर्जीवाड़े में शामिल लोगों को सजा दिलवाने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
बता दें कि पिछले माह यह मंदिर करीब एक सप्ताह तक बंद रहा था। इसके बाद 30 दिसंबर को हिंदू जागरण मंच सहित आसपास के व्यापारियों ने मंदिर के गेट आगे धरना दिया था। मंच का आरोप था कि देवराज तायल के परिजनों ने इस मंदिर की जमीन को फर्जीवाड़ा करके बेच दिया, जबकि धर्मार्थ जमीन को बेचा नहीं जा सकता। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर मंदिर के गेट पर लगाए गए ताले को खुलवाया था। फिर मंच की तरफ से इस मामले में पुलिस प्रशासन को शिकायत देने के साथ-साथ अदालत का दरवाजा भी खटखटाया गया था। अदालत के आदेश पर मंदिर की जमीन की पैमाइश भी करवाई गई थी। उधर, पुलिस प्रशासन ने शिकायत मिलने के बाद जमीन बेचने व खरीदने वालों को दस्तावेजों के साथ थाने में भी बुलाया था।
वापस रजिस्ट्री करवाने से नहीं धूलेंगे पाप : मनोज कौशिक
हिंदू जागरण मंच के विभाग संयोजक एडवोकेट मनोज कौशिक चंद्रवंशी के मुताबिक मंदिर की खरीद फरोख्त करके जो पाप इन लोगों ने किया है वह वापस रजिस्ट्री करवाने से धूल नहीं जाएंगे। वह इस मामले को यहीं तक सीमित नहीं रहने देंगे। इस जघन्य अपराध और महा पाप का तब तक निवासण नहीं होगा, जब तक इस कार्य में संलिप्त प्रत्येक व्यक्ति को कानून सम्मत सजा नहीं मिल जाती। अभी मामला एसएचओ सिटी थाना के पास है और वह इसमें अनावश्यक देरी कर रहे हैं। इसके लिए भी अगर बड़ा संघर्ष और प्रदर्शन करने की आवश्यकता हुई तो हिंदू जागरण मंच उससे पीछे नहीं हटेगा।