धान घोटाले को लेकर अधिकारियों की टीम ने मंगलवार को हिसार में स्टॉक की फिजिकल वेरिफिकेशन की। अलग-अलग जिलों के अधिकारियों की इन टीमों ने उकलाना, बरवाला, हांसी तथा नारनौंद क्षेत्र में स्टॉक को जांचा।
धान घोटाले को लेकर प्रदेश भर में धान के स्टॉक की जांच की जा रही है। इसके लिए अधिकारियों की टीम गठित की गई है।
एक जिले के अधिकारियों को दूसरे जिलों की जांच का आदेश दिया गया है। अधिकारियों की यह टीम रिकॉर्ड की पूरी रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय को सौंपेगी।
मंगलवार को सिरसा तथा भिवानी के अधिकारियों की टीम ने जिले भर में रिकॉर्ड जांचा। जांच करने पहुंची टीम के सदस्यों को मार्केट कमेटी की खरीद रिकॉर्ड की प्रति सौंपी गई थी।
इसमें 1509 किस्म के रिकॉर्ड की जांच की जानी थी। धान की 1509 किस्म की सरकारी स्तर पर की गई खरीद का रिकॉर्ड जांचने के लिए मिलर्स के यहां जांच की गई, जिसमें धान की फिजिकल वेरिफिकेशन करते हुए जांच रिपोर्ट तैयार की।
धान की इस किस्म को सरकार ने पहली बार समर्थन मूल्य पर खरीदा था। अधिकारियों की इन टीमों ने कुछ स्थानों से धान के सैंपल भी लिए, जिसकी जांच कराई जाएगी। इस सैंपल को प्रदेश मुख्यालय को भेजा जाएगा।
पहचान के लिए सैंपल लिए
अधिकारियों की इस स्पेशल टीम ने उकलाना, बरवाला, हांसी, नारनौंद में मिलर्स के यहां जांच की। इसमें धान की किस्म की पहचान न पाने पर अधिकारियों ने इनके सैंपल ले लिए।
रिकॉर्ड की जांच कर पूरी रिपोर्ट तैयार की। इस बारे में जिला अधिकारियों से विमर्श नहीं किया गया।
विभाग में मचा रहा हड़कंप
जांच टीम के आने की जानकारी मिलने के बाद खाद्य आपूर्ति विभाग में मंगलवार को दिन भर हड़कंप मचा रहा। अधिकारी रिकॉर्ड को खंगालते नजर आए।
मार्केट कमेटियों के अधिकारियों से भी रिकॉर्ड जुटाया गया। इसके बाद पूरी रिपोर्ट तैयार कर जिला के आला अधिकारियों को सौंपी।
प्रदेश सरकार के निर्देश पर पहुंची जांच टीम ने अलग-अलग एरिया में अपने स्तर पर स्टॉक की फिजिकल वेरिफिकेशन की है।
टीम अपने स्तर पर रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय को भेजेगी। विभाग की ओर से पूरा रिकॉर्ड पहले ही मुख्यालय को भेजा जा चुका है।
- सुभाष सिहाग, कार्यवाहक जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक