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हिसार: जाट कॉलेज में बिना नोटिस 112 गेस्ट टीचर हटाए, विरोध में धरने पर बैठे

Tue, 08 Feb 2022 10:24 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार (हरियाणा)

सार

धरने पर बैठे शिक्षकों ने कहा कि मांग पूरी होने तक धरना जारी रहेगा। वहीं, कॉलेज प्रबंधन ने तीन दिन का समय मांगा है। 
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धरने पर बैठे शिक्षक। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हरियाणा के हिसार में छाजू राम मेमोरियल जाट कॉलेज के 112 गेस्ट टीचर मंगलवार सुबह धरने पर बैठ गए। गेस्ट टीचर्स  का आरोप है कि कॉलेज प्रशासन ने बिना कोई नोटिस दिए व सत्र के बीच में ही उन्हें रिलीव कर दिया है।मंगलवार सुबह जब गेस्ट टीचर हर रोज की तरह कॉलेज में पहुंचे व हाजिरी लगाने के लिए रजिस्टर ढूंढने  लगे तो उन्हें रजिस्टर ही नहीं मिला। टीचरों का आरोप है कि कॉलेज प्रशासन ने उन्हें मौखिक आदेश देकर रिलीव कर दिया। ऐसे में विरोध स्वरूप रिलीव किए गए 112 टीचर कॉलेज कैंपस में धरने पर बैठ गए।

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धरने पर बैठे प्रो. महेंद्र कौर, डॉ. नरेंद्र चहल, डॉ. सविता, डॉ. जसबीर, डॉ. दीपक, डॉ. अजब, डॉ. नीलम, डॉ. सुनीता, प्रोफेसर कविता आदि ने बताया कि जब तक हमारी मांग पूरी नहीं होती तब तक हमारा धरना जारी रहेगा। कॉलेज प्रशासन ने शिक्षकों से 3 दिन का समय मांगा है। 

5-6 साल से नियुक्त हैं शिक्षक, छात्र संगठन भी आए समर्थन में 

कॉलेज के छात्र संगठन भी रिलीव किए गए गेस्ट टीचर्स के समर्थन में आ गए हैं। जाट कॉलेज के छात्र नेता शुभम पूनिया ने बताया कि बुधवार को जाट कॉलेज के सभी विद्यार्थी गेस्ट टीचर्स के समर्थन में धरने पर बैठेंगे। एसएफआई ने भी शिक्षकों का साथ देने का एलान किया है। गेस्ट टीचर्स डॉ धर्मबीर, डॉ नरेंद्र चहल, डॉ विकास, डॉ अजब सिंह, डॉ ज्योति, डॉ सविता ने बताया कि वे कॉलेज में पिछले करीब 5 से 6 साल से गेस्ट फैकल्टी के तौर पर कार्यरत हैं। मंगलवार सुबह जब वह कॉलेज में पहुंचे तो उनको कार्यकारी प्रिंसिपल नीलम लांबा से कहा कि आपको रिलीव कर दिया गया है, इसलिए हाजिरी नहीं लगाने दी जाएगी। 

दो दिन पहले ही पूर्व प्रधान को दी थी शिकायत 

डॉ. विकास के अनुसार, दो दिन पहले ही कॉलेज ने उनको विद्यार्थियों के इंटरनल मार्क्स 9 फरवरी तक भेजने के लिए कहा था, जो अभी तक भेजे नहीं गए हैं। अचानक आज हमारी सेवाएं खत्म करने की बात कही जा रही है। दो दिन पहले टीचर्स ने जाट शिक्षण संस्थान के पूर्व प्रधान सतपाल पालू को शिकायत दी थी कि प्रिंसिपल नीलम लांबा का टीचर्स के साथ व्यवहार ठीक नहीं है। डॉ. धर्मबीर ने बताया कि कॉलेज बीते कई दिनों से विवाद का  अखाड़ा बना हुआ है। कॉलेज प्रिंसिपल राजेंद्र सिंह धांगड़ को पूर्व प्रधान ने बिना पावर के हटाकर नीलम लांबा  को गैरकानूनी रूप से प्रिंसिपल नियुक्त कर दिया। 

इन टीचर्स को रिलीव नहीं किया गया है। सत्र खत्म हो गया है। इस कारण से इनका कार्यकाल खत्म कर दिया गया है। हर साल ऐसा ही होता रहा है। नया सत्र शुरू होने पर फिर से इन टीचर्स को ज्वाइन करवा दिया जाएगा। - नीलम लांबा, कार्यवाहक प्राचार्य, जाट कॉलेज। 

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