हरियाणा कि हिसार स्थित चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) का कैलेंडर विवाद अभी सुलझा नहीं है। किसानों के एक मांग पूरी हुई है, जबकि डॉ. विनय महला का तबादला वापस नहीं करने पर मंगलवार को किसानों ने एचएयू के 4 नंबर गेट पर पड़ाव डाल प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान कुछ किसान दिन में अनशन पर बैठे वहीं, देर रात किसानों ने तंबू गाड़ने का प्रयास किया। जनवादी महिला समिति, खेत मजदूर यूनियन व विद्यार्थी संगठनों ने धरने का समर्थन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मांग पूरी होने तक धरना जारी रहेगा और 10 फरवरी को कुलपति कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
प्रशासन को 31 जनवरी की शाम को मामला संज्ञान में आते ही तुरंत प्रभाव से छोटे कैलेंडर छपवा दिए गए। 7 फरवरी तक नए बड़े साइज के कैलेंडर तैयार करा दिए गए हैं। इस मामले की जांच के लिए अनुसंधान निदेशक डॉ. राम निवास ढांडा की अगुवाई में जांच की जा रही है। डॉ. विनय महला के तबादले का कैलेंडर से कोई संबंध नही है। डॉ. विनय महला का तबादला 25 जनवरी को हुआ था। यह मुद्दा 31 जनवरी को उठा।
कृषि अर्थशास्त्र विभाग के अध्यक्ष डॉ. डीपी मलिक ने 20 जनवरी को उनसे पूछा कि 19-20 तारीख को अधिष्ठाता औचक निरीक्षण के दौरान वह कार्यालय में मौजूद नहीं थे और न ही उनके द्वारा टूर प्रोग्राम दिया गया था। इससे पहले स्कीम इंचार्ज डॉ. पवन कुमार ने 4 मई 2019 को लिखित में धमकाने व कार्य न करने की शिकायत दी थी।
जिस कारण 2 अगस्त 2019 को उनका तबादला एचएयू से केवीके अंबाला कर दिया गया था। सामान्य प्रक्रिया से उनका एवं दो अन्य शिक्षकों का तबादला हुआ था। कार्यवाहक कुलपति के कार्यकाल के 9 महीने में 55 शिक्षकों का तबादला बाहरी केंद्रों पर किया। वर्तमान कुलपति के 9 महीने में केवल 9 शिक्षकों का जरूरत के हिसाब से तबादला किया।