हिसार। मॉडल टाउन में बुजुर्ग महिला संतोष गिरधर की मौत मामले में हत्या के आरोपों के बाद पुलिस ने घर की मेड और किरायेदार को शक के दायरे में लिया है। हालांकि किरायेदार दो-तीन महीने पहले जा चुका है लेकिन अब तक सामान नहीं ले गया। छह अक्तूबर की रात संतोष के घर में घुसे तीन संदिग्ध कौन थे और उनकी मंशा क्या थी। यह जानने के लिए पुलिस इनकी पहचान में जुटी है। महिला की प्रॉपर्टी भी वारदात की वजह हो सकती है।
सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि 6 अक्तूबर की रात 9 बजकर 8 मिनट पर एक युवक मुख्य गेट खोलकर घर के अंदर घुसता है। कुछ देर बाद एक और युवक घर में घुसता है। तीसरा युवक घर के बाहर पहरेदारी करता दिखाई दे रहा है। रात 11 बजकर 3 मिनट पर एक युवक घर से बाहर आता है। रात 11 बजकर 8 मिनट पर पहरेदारी करने वाला युवक बाइक पर आता है। उसी समय एक युवक पिट्ठू बैग लेकर घर से बाहर आता है और बाइक पर बैठकर चला जाता है। पुलिस इसकी पड़ताल में जुटी है कि दो घंटे तक दो युवकों ने घर के अंदर क्या किया और उस बैग में क्या था।
तीन-चार दिन से नहीं आई मेड
संतोष के घर में एक मेड भी काम करती थी। संतोष के भाई प्रकाश ने बताया कि वह पिछले तीन-चार दिन से काम पर नहीं आ रही थी। पुलिस का मानना है कि मेड को घर के बारे में काफी जानकारी है। उसे यह भी पता होगा कि संतोष के पास कितना पैसा और जेवरात हैं। शक है कि नौकरानी इस मामले में संलिप्त है। संतोष के घर में किरायेदार भी रहता था। वह दो-तीन माह पहले शिफ्ट हो चुका है पर कुछ सामान अब भी एक कमरे में पड़ा था। पुलिस इन दोनों से पूछताछ कर रही है।
महिला के पास थी काफी प्रॉपर्टी
संतोष के पास काफी प्रॉपर्टी थी और इसमें कोई हिस्सेदार भी नहीं था। मकान के अलावा अर्बन एस्टेट मार्केट में एक दुकान, सातरोड में एक प्लॉट, सूर्य नगर में दो प्लॉट और तोशाम रोड पर एक प्लॉट उसके नाम है।
पति व बच्चों को खोया तो भक्ति में लीन हो गई थी संतोष
हिसार। पति और बच्चों को खोने के बाद संतोष प्रभु की भक्ति में लीन हो गई थी। वह सुबह-शाम रोज घर के पास स्थित सनातन धर्म हनुमान मंदिर में पूजा करने जाती थी। मंदिर में खूब दान-पुण्य भी करती थी। उसने एक प्लॉट बेचकर राशि मंदिर को दान की थी।
संतोष के चचेरे भाई तिलकराज ने बताया कि मॉडल टाउन वाला मकान करीब 70 साल पुराना है। पहले संतोष के पति कृष्ण गिरधर की मौत हुई। उनके बाद बेटा- बेटी भी दुनिया में नहीं रहे। संतोष के बेटे की अर्बन एस्टेट मार्केट में इलेक्ट्रिकल की दुकान थी। तीनों की मौत के बाद वह अकेली रह गई। इस गम से उबरने के लिए उसने भक्ति का रास्ता चुना। सप्ताह में एक दिन मंगलवार को रामशरणम जाती थी। संतोष एक स्कूल में पढ़ाती थी लेकिन शादी के बाद पति ने उसकी नौकरी छुड़वा दी।
खूब दान-पुण्य करती थी संतोष
सनातन धर्म हनुमान मंदिर के पुजारी अमित शर्मा ने बताया कि संतोष खूब दान-पुण्य करती थी। वह अक्सर मंदिर में भंडारे लगवाती थी। वर्ष 2024 में उसने राम मंदिर के शिलान्यास वाले दिन ही मंदिर में श्याम बाबा की प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा करवाई थी।
घर के बाहर जुटी भीड़
सुबह जब लोगों को पता चला कि संतोष अपने घर में मृत मिली है तो आसपास के लोग सहम गए। किसी को यकीन नहीं हो रहा था कि संतोष अब दुनिया में नहीं रही। मंदिर आते-जाते हुए आस-पड़ोस के लोगों से उनके हालचाल जानने वाली संतोष को दो दिन से किसी ने नहीं देखा था। उन्हें जब उसकी मौत की जानकारी मिली तो उनके चेहरे उदास हो गए।