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तकनीक: किसान भी ड्रोन से करेंगे स्प्रे, बैठे-बैठे पांच किलोमीटर परिधि में किया जा सकेगा स्प्रे

Thu, 27 Jan 2022 11:59 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, हिसार (हरियाणा)

सार

टीटीसी के डायरेक्टर की देखरेख में ड्रोन तकनीक का ट्रायल किया गया, जोकि सफल रहा। 
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गांव लाडवा में ड्रोन से खेतों में स्प्रे का किया ट्रायल। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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अब किसान भी हाईटेक तकनीक अपनाने लगे हैं। हरियाणा के हिसार के लाडवा गांव में एग्रीनर्स किसान समूह ने ड्रोन तकनीक का प्रयोग पहली बार कीटनाशक स्प्रे करने के लिए किया है। यह तकनीक इफको के सहयोग से एग्रीनर्स किसान समूह के किसानों तक पहुंची है। इस तकनीक के ट्रायल के मौके पर कृषि मशीनरी परीक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान (टीटीटी) के डायरेक्टर मुकेश जैन बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे।  

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बैठे-बैठे पांच किलोमीटर परिधि में किया जा सकेगा स्प्रे 

डॉ. मुकेश जैन ने कहा यह तकनीक हमारे क्षेत्र के लिए अभी नई है और धीरे-धीरे लोग इसे अपना रहे हैं। ड्रोन के जरिये कीटनाशकों का स्प्रे करने कि इस तकनीक को केंद्र सरकार भी प्रमोट कर रही है। ड्रोन को खरीदने के लिए केंद्र सरकार द्वारा किसानों को अच्छी खासी सब्सिडी भी दी जा रही है। हर किसान के खेत में ड्रोन के जरिये ही सप्रे किया जाएगा। किसान अगर इसे खरीदना चाहे तो उन्हें सब्सिडी के साथ-साथ 4% ब्याज दर पर इसके लिए लोन भी मिल सकता है।

यह ड्रोन खाद मिले पानी को लेकर सिर्फ 10 मिनट में एक एकड़ फसल पर स्प्रे करेगा। इसे एक स्थान पर बैठकर पांच किलोमीटर परिधि में खेतों पर खाद का स्प्रे किया जा सकेगा। ड्रोन यदि ऑटोमेटिक मोड पर सेट करें, तो जितना रकबा उसमें जीपीएस के जरिये फीड किया जाएगा, उतने रकबे में स्प्रे करके वापस लौट आएगा। इससे किसान का समय, जल एवं धन की भी बचत होगी। 

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40 फीसदी मिलेगा अनुदान 

ड्रोन की कीमत लगभग 4.5 लाख से 5 लाख रुपये तक है। अनुदान के बाद ड्रोन एक किसान समूह को करीब ढाई लाख रुपये में मिल जाता है। अगर कोई फार्मर प्रोड्यूस ऑर्गेनाइजेशन यानी किसान समूह इसे खरीदना है तो उसे 75 परसेंट तक का अनुदान केंद्र सरकार की तरफ से दिया जाता है। कोई कस्टम हायरिंग सेंटर या फिर किसान निजी तौर पर इसे खरीदना है तो उसे करीब 40% तक का अनुदान दिया जा रहा है।

ड्रोन की मदद से 80 प्रतिशत दवा पौधे तक पहुंचेगी

एग्रीनर्स किसान समूह में प्रमोटर मनोज नेहरा ने बताया कि अभी मौजूदा तकनीकों से स्प्रे करने में किसानों को स्वास्थ्य का खतरा भी रहता है व टाइम भी बहुत ज्यादा लगता है। ड्रोन तकनीक से फसल के हर पौधे तक दवाई पहुंचेगी। ड्रोन के जरिये स्प्रे करने से कीटनाशक की खपत भी बहुत कम होगी क्योंकि ट्रैक्टर के जरिये या हाथ से गिर जाने वाले स्प्रे में सिर्फ 40 परसेंट पौधे पर काम करता है। ड्रोन के जरिये 80% दवाई पौधे तक पहुंचेगी। किसानों को अभी तक प्रति एकड़ लगभग 45 किलो यूरिया खाद डालना पड़ता था लेकिन अब ड्रोन के जरिये मात्र आधा लीटर नैनो यूरिया को पानी में मिलाकर पूरे एकड़ में स्प्रे किया जा सकता है। 

एक दिन में ड्रोन 15 एकड़ में करेगा स्प्रे

किसान समूह के मुख्य सदस्य विजय श्योराण ने बताया ड्रोन के जरिये सफाई करने से किसानों को स्वास्थ्य को कोई नुकसान नहीं होगा। ड्रोन की मदद से अबखेत के किसी भी कोने में बैठ कर आराम से स्प्रे कर सकता है।  ट्रैक्टर के जरिये सप्रे करने से एक एकड़ में किसान को दो से 3 घंटे लगते हैं और पूरे दिन में वह ज्यादा से ज्यादा 3 एकड़ में स्प्रे कर पाता था। जबकि ड्रोन 1 दिन में कम से कम 15 एकड़ में स्प्रे कर सकता है।

120 किसानों के लिए खरीदेंगे ड्रोन 

एग्रीनर्स किसान समूह ने यह फैसला लिया है कि वह अपने साथ जुड़े हुए 120 किसानों के लिए यह ड्रोन खरीदेगा और उन्हें फ्री में इसकी सुविधा खेत में स्प्रे करने के लिए दी जाएगी। किसान समूह के संचालक विजय श्योराण और मनोज नेहरा का मानना है कि अगर उन्हें सरकार मदद करें और किसानों का अच्छा रिस्पॉन्स मिले तो वह ड्रोन कंपनी के साथ टाईअप कर ज्यादा से ज्यादा किसानों को यह सुविधा निशुल्क प्रदान कर सकते हैं। इस मौके पर  रायसिंह पूनिया, साधुराम, दीपक, अमित दलाल, विकास, राजू शर्मा आदि मौजूद रहे। 

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