मेहनत एक दिन रंग जरूर लाती है, लगातार सपनों के लिए मेहनत करते रहने वालों की कभी हार नहीं होती है। इस बात को साबित किया है हरियाणा के हिसार जिले के हांसी के यशी नगर की रहने वाली वर्षा बुमराह ने। एक टीवी चैनल के रियलिटी शो ‘डांस इंडिया डांस सुपर मॉम’ के इस सीजन का टाइटल वर्षा बुमराह ने जीता है।
मध्यवर्गीय परिवार से नाता, गुजर बसर के लिए पति के साथ मजदूरी करने वाली 28 वर्षीय वर्षा ने कोरियोग्राफर वर्तिका झा के यूट्यूब पर अपलोड वीडियो देखकर डांस सीखा और अपने सपनों को उड़ान की। चंडीगढ़ से दिल्ली होते हुए मुंबई तक का सफर पूरा करते हुए स्टार बन गईं। कोरियोग्राफर वर्तिका झा को अपना गुरु मानने वाली वर्षा बुमराह कहती हैं कि अगर सपने देखने का साहस और उसे पूरा करने की लगन हो तो कोई भी मंजिल दूर नहीं।
रियलिटी शो जीतने के बाद सोमवार को अपने घर हांसी पहुंचीं वर्षा का लोगों ने जोरदार स्वागत किया। अपनी सफलता की कहानी सुनाते हुए वर्षा ने कहा कि डांस की इच्छा तो थी, लेकिन आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण ट्रेनिंग नहीं ले सकी। इसके बाद मैंने सोशल मीडिया पर कोरियोग्राफर वर्तिका झा के वीडियो देखे, उन्हें गुरु मानकर अभ्यास किया।
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सोशल मीडिया पर ही डांस इंडिया डांस कंपीटीशन देखकर उस मंच पर जाने के सपने देखे। कलाकारों के सुंदर चेहरे व कपड़े देखकर लगता नहीं था कि वहां तक पहुंच पाऊंगी। चंडीगढ़ में सीजन थ्री के ऑडिशन की सूचना मिली तो पति नितिन के कहने पर वहां पहुंची।
पिता और ससुर ने बढ़ाया हौसला
डांस इंडिया डांस रियलिटी शो सुपर मॉम सीजन थ्री का पहला ऑडिशन चंडीगढ़ में हुआ। वहां अच्छे प्रदर्शन की बदौलत अगले राउंड के लिए चयन हुआ। दूसरा ऑडिशन दिल्ली में हुआ। इसके बाद मुंबई से उन्हें शो में हिस्सा लेने के लिए बुलाया गया। शो के लिए टीवी कंपनी की तरफ से दिल्ली से मुंबई तक का टिकट भेजा गया था। वर्षा ने बताया कि अकेले जाने से डर लग रहा था। इस दौरान ससुर रूलिया, सास चमेली और पिता प्रहलाद व माता शीला ने उसका हौसला बढ़ाया। पति, सास, ससुर व पिता उसे छोड़ने के लिए दिल्ली एयरपोर्ट तक गए थे।
कभी खाने तक के पैसे नहीं होते थे, हर कदम पर पति ने दिया साथ
वर्षा बताती हैं कि सफलता में सबसे बड़ा योगदान खुद उनके पति का है। पति नितिन दिहाड़ी मजदूर हैं। कई बार काम नहीं होता, तो हमारे पास खाने के पैसे नहीं होते थे। लोग उधारी देने से भी कतराते थे। रिश्तेदार भी दूरी बनाकर रखते थे। ऐसे बुरे वक्त में पति ने कभी मेरे सपनों को मरने नहीं दिया। मेरे पति ने हमेशा मुझे प्रेरित किया। चंडीगढ़, दिल्ली और मुंबई तक की यात्रा के लिए कर्ज लेकर मुझे भेजने में संकोच नहीं किया।
मुंबई में मिले प्यार ने बदल दी दुनिया
वर्षा बताती हैं कि जब वे मुंबई गईं तो वहां के लोगों से बहुत प्यार और अपनापन मिला। हैरान भी हुई, लगता था कि अपने लोग तो पूछ नहीं रहे हैं और वहां के लोग इतना सपोर्ट कर रहे हैं। मीका सिंह ने बेटे को स्कूल में दाखिला कराया है और पढ़ाई की जिम्मेदारी ली है। जिन स्टार्स के बारे में सुना है, उन्हें सामने देखकर मैं पहले नर्वस हो जाती थी। गोविंदा और कुमार शानू स्पेशल गेस्ट बनकर आए और मेरा सपोर्ट किया। टीवी शो में जाने की बात जानकर साहूकारों उधार लिए पैसे मांगने लगे। इसकी जानकारी होने पर रेमो डिसूजा ने मेरी मदद की।