हिसार। लाडवा गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के नौवीं कक्षा के छात्र ने कोरोना का टीका न लगवाने के लिए विद्यालय के प्राचार्य के नाम एक प्रार्थना पत्र लिखा है। छात्र ने लिखा कि मैं कोरोना का टीका नहीं लगवाना चाहता हूं, क्योंकि मैं और मेरा पूरा परिवार आयुर्वेद व होम्योपैथिक की ही चिकित्सा लेते हैं, चूंकि ये कोरोना का टीका एलोपैथिक चिकित्सा के अंतर्गत आता है। इसलिए मैं इसे नहीं लगवाना चाहता।
छात्र ने आगे लिखा है कि वैसे भी आरटीआई के माध्यम से हमें सूचना मिली है कि कोरोना का टीका स्वैच्छिक है। इसे न लगवाने वाले व्यक्ति को किसी भी सरकारी या प्राइवेट सुविधा से वंचित नहीं किया जा सकता है। वहीं कोरोना की तीसरी लहर से बचने के लिए 15 से 17 आयु वर्ग के किशोरों के लिए वैक्सीनेशन अभियान चला हुआ। ऐसे में इस छात्र द्वारा वैक्सीन लगवाने से इनकार करना मंगलवार को पूरा दिन चर्चा का विषय रहा।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय प्रिंसिपल अश्विनी काठपाल ने बताया कि वैक्सीनेशन मोटिवेशन के तौर पर ही किया जा रहा है। कुछ किशोर अपनी मर्जी से टीका लगवा रहे हैं और कई इसके लिए तैयार नहीं है। वैक्सीन के लिए किसी बच्चे के साथ जोर-जबरदस्ती नहीं की जा रही है।