हिसार। गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय (जीजेयू) में मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे एनएसयूआई और एएमवीए से जुड़े छात्र नेताओं को विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से पूरे दिन डिटेन किए जाने का मामला सामने आया है। छात्र नेता विश्वविद्यालय से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और छात्र हितों के मुद्दे मुख्यमंत्री के समक्ष शांतिपूर्ण व लोकतांत्रिक तरीके से रखना चाहते थे, लेकिन मुलाकात से पहले ही उन्हें रोक लिया गया।
छात्र नेताओं का आरोप है कि प्रशासन ने उनकी बात सुने बिना ही यह कार्रवाई की, जिससे छात्रों में रोष है। एनएसयूआई और एएमवीए के पदाधिकारियों ने इसे तानाशाही रवैये का प्रतीक बताते हुए कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने का अधिकार प्रत्येक छात्र को है।
छात्र संगठनों ने मांग की है कि भविष्य में छात्रों को अपनी समस्याएं रखने से न रोका जाए और इस कार्रवाई के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि छात्र हितों की अनदेखी जारी रही तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। डिटेन किए गए छात्र नेताओं में एएमवीए के सुरेंद्र पंवार, प्रदीप पंवार, सुमेश बापोड़ा तथा एनएसयूआई के विकास बनभौरी, नवीन नागल, अजय देहमे, सत्यदेव सहित अन्य छात्र नेता शामिल हैं।