हिसार। सातरोड के पास साउथ बाईपास पर निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) पर डाली गई स्लैब की 21 दिन के अंदर तीन बार मजबूती जांची जाएगी। इसमें एक बार मजबूती जांची जा चुकी है जो निर्धारित मानकों के अनुसार मिली। अब दो बार और मजबूती जांची जाएगी। इनकी रिपोर्ट पॉजीटिव आने के बाद ही स्लैब पर सड़क का निर्माण किया जाएगा और आरओबी को वाहनों के लिए खोला जाएगा।
17 अगस्त को आरओबी की आखिरी स्लैब पर कंक्रीट डाली गई थी। अब इस स्लैब को कम से कम 21 दिन के लिए सूखने को लेकर छोड़ा हुआ है। स्लैब डालने के सातवें दिन इसकी मजबूती की जांच की गई थी तो सही मिली। अब 14वें व 21वें दिन इसकी मजबूती की जांच की जाएगी।
स्लैब 21 दिन की अवधि में पूरी मजबूती पकड़ लेती है और इसके बाद सड़क निर्माण में कोई बाधा नहीं आती है तो 15 सितंबर तक आरओबी का काम पूरा हो जाएगा। अधिकारियों के अनुसार बारिश के कारण सड़क निर्माण का कार्य थोड़ा ले हो सकता है। यदि सड़क निर्माण में देरी होती है तो छोटे वाहनों के लिए आरओबी पहले शुरू किया जा सकता है।
आरओबी के निर्माण पर 31.10 करोड़ रुपये लागत आएगी। इसकी कुल लंबाई 658 मीटर है। सड़क की चौड़ाई 11 मीटर होगी। इसके दोनों तरफ तीन-तीन मीटर की सर्विस रोड भी बनाई गई है। इस आरओबी को दिल्ली रोड पार करके सातरोड तक बनाया गया। दिल्ली रोड पर करीब 6 फुट की ऊंचाई पर एक चौराहा बनाया जाएगा। ब्यूरो